शहर

LPG Crisis ने बढ़ाई इंडक्शन की बिक्री, इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर उमड़े ग्राहक

LPG Crisis: अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच देश में LPG संकट की आशंका से उत्तर प्रदेश के रायबरेली में लोगों की चिंता बढ़ गई है। गैस सिलेंडर न मिलने की अफवाहों के कारण शहर के कैपरगंज इलाके में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री अचानक बढ़ गई है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि जिले में LPG की कोई कमी नहीं है।

LPG Crisis: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब दुनिया के अन्य देशों के साथ ही भारत पर भी दिखने लगा है। भारत के तमाम छोटे-बडे शहरों तक में इस युद्ध की तपिश महसूस की जा रही है। खासतौर पर LPG Crisis का असर अब गंभीर रूप से दिखने लगा है। इसी बीच गैस सिलेंडर को लेकर फैल रही अफवाहों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में अजीब सी स्थिति देखने को मिल रही है। गैस सिलेंडर न मिलने की चर्चाओं के बीच इंडक्शन चूल्हों की बिक्री अचानक बढ़ गई है।

रायबरेली शहर के कैपरगंज इलाके में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दुकानदारों का कहना है कि आम दिनों में उनकी दुकान से एक या दो इंडक्शन चूल्हे ही बिकते थे, लेकिन पिछले तीन दिनों में हर रोज 8 से 10 इंडक्शन बिक रहे हैं। अचानक बढ़ी इस मांग से दुकानदार भी हैरान हैं।

दुकानदारों का कहना है कि कई ग्राहक सीधे यही पूछ रहे हैं कि क्या गैस सिलेंडर की कमी होने वाली है, इसलिए वे पहले से ही विकल्प के तौर पर इंडक्शन चूल्हा खरीद रहे हैं। सुबह से ही दुकानों पर इंडक्शन लेने के लिए ग्राहकों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है और शाम तक खरीदारी जारी रहती है।

हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि रायबरेली में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और LPG पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक खरीदारी न करें। प्रशासन का दावा है कि जिले में सभी गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।

प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है या फिर देरी हो रही है। इसके कारण वे इंडक्शन चूल्हा खरीदने को मजबूर हैं। लोगों का मानना है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान में चल रहे युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आगे चलकर गैस आपूर्ति और भी प्रभावित हो सकती है।

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर आम लोगों की सोच पर भी पड़ रहा है। यही वजह है कि लोग वैकल्पिक साधनों की तरफ रुख कर रहे हैं। फिलहाल रायबरेली में इंडक्शन चूल्हों की बढ़ती बिक्री इसी चिंता का संकेत मानी जा रही है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article