खाना बनाने का एक और पारंपरिक तरीका लकड़ी जलाकर भी है। अगर गैस की सप्लाई नहीं होती है और आप ऐसी जगह रहते हैं, जहां प्रचुर मात्रा में सूखी लकड़ी उपलब्ध है तो आप इस पारंपरिक तरीके से भी खाना बना सकते हैं। हालांकि, लकड़ी और कोयला दोनों को जलाने से धुआं होता है और यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
अगर आप ऐसे गांव या शहर में रहते हैं, जहां धूप काफी ज्यादा आती है तो आप खाना बनाने के लिए सोलर कुकर को भी उपयोग में ला सकते हैं। सोलर कुकर की मदद से बिना किसी ईंधन खर्च के खाना बनाना मुमकिन है।
अगर आप झारखंड जैसे राज्य में रहते हैं या किसी ऐसी जगह हैं, जहां कोयला आसानी से मिल जाता है तो आप अंगीठी में कोयला और गोबर के उपले जलाकर पारंपरिक तरीके से भी अपनों के लिए खाना तैयार कर सकते हैं।
आपके शहर और गांव में बिजली की सप्लाई चालू है तो आप बिना किसी झंझट के इलेक्ट्रिक कुकर में खाना बना सकते हैं। इलेक्ट्रिक कुकर की वायर को सीधे प्लग में लगाकर आप दाल, चावल से लेकर हर तरह का खाना बना सकते हैं।
अगर आपके गांव या शहर में बार-बार बिजली जाने की समस्या नहीं है तो आप इलेक्ट्रिक केतली और स्टीमर की मदद से चाय बनाने, पानी गर्म करने, इडली, मोमो आदि कई तरह के भोजन तैयार कर सकते हैं।
अगर आप शहरों में रहते हैं और आपके यहां बिजली की कटौती नहीं होती है, फ्लक्चुएशन नहीं होता है तो आप इंडक्शन का इस्तेमाल करके भी खाना बना सकते हैं। हालांकि, आपको इंडक्शन के लिए फ्लैट बेस वाले बर्तन की जरूरत होगी, पारंपरिक लोहे की कढ़ाई में खाना बनाना हो तो इंडक्शन काम नहीं आएगा।
हालांकि, हमारे घरों में माइक्रोवेव ओवन का इस्तेमाल ज्यादातर खाना गर्म करने के लिए होता है। अगर जल्दी-जल्दी बिजली की कटौती नहीं होती है तो आप इसमें खाना भी बना सकते हैं।
अगर आपके शहर में PNG की सप्लाई है और उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है तो आपके किचन तक सप्लाई होने वाली PNG के जरिए खाना बना सकते हैं। इस तरह सिलेंडर का झंझट ही खत्म हो जाता है।