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Kolkata Metro: बिजली गुल, कोलकाता मेट्रो ठप; ऑफिस टाइम पर यात्रियों का पारा हाई

Kolkata Metro: कोलकाता दक्षिणेश्वर जाने वाली मेट्रो टॉलीगंज स्टेशन पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से कुछ देर के लिए रुकी रही। इस वजह से दोनों ओर से आने-जाने वाली मेट्रो भी विलंब हो गईं।

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कोलकाता मेट्रो

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Kolkata Metro: कोलकाता मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को आज बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, दक्षिणेश्वर की ओर जाने वाली कोलकाता मेट्रो ट्रेन मंगलवार की सुबह बिजली आपूर्ति बाधित होने से टॉलीगंज स्टेशन पर कुछ मिनट के लिए रुकी रही। इस दौरान दोनों लाइनों की कई मेट्रो अपने-अपने स्थान पर खड़ी रहीं। इसके कारण ऑफिस आने के पीक समय में पुराने उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर ट्रेन सेवाओं को विनियमित करना पड़ा। ट्रेनों का शेड्यूल पूरी तरह से चरमरा गया। लगभग 14 मिनट तक बिजली सप्लाई के इंतजार में मेट्रो खड़ी रहीं। सुबह 10 बजकर 38 मिनट पर टॉलीगंज में महानायक उत्तम कुमार मेट्रो स्टेशन पर बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण न्यू गरिया से दक्षिणेश्वर जाने वाली ट्रेन 14 मिनट तक रुकी रही।

उधर, टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से कोलकाता मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। बिजली समस्या के कारण दक्षिणेश्वर जाने वाली ट्रेनों और न्यू गरिया में कवि सुभाष जाने वाली मेट्रो को नियंत्रित किया गया। वहीं, ट्रेन के रुकने से यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना। इस दौरान यात्री मेट्रो संचालन व्यवस्था से नाराज नजर और कईयों का पारा हाई हो गया।

क्या है मेट्रो की टाइमिंग

कोलकाता मेट्रो की सेवाएं सुबह 07 बजे से रात 10 बजकर 30 मिनट तक संचालित रहती हैं। ब्लू लाइन दक्षिणेश्वर से कवि सुभाष तक 31 किलोमीटर की दूरी तय करती है। ब्लू लाइन राज्य के तीन जिलों उत्तर परगना, कोलकाता और दक्षिण परगना को कवर करती है। इसके हिस्से में 15 भूमिगत स्टेशन हैं और 9 एलिवेटेड के साथ ग्रेड पर हैं।

कोलकाता ब्लू लाइन के लिए यात्रियों से 2 किमी. के लिए 5 रुपये, 2 से 5 किमी के लिए 10 रुपये, 5 से 10 किमी. के लिए 15 रुपये, 10 से 20 किमी के लिए 20 रुपये और 20 से अधिक के लिए 25 रुपये वसूला जाता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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