Kanpur: दो साल पहले कानपुर के आजाद नगर इलाके में जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने सिग्नेचर बस अड्डे का लोकापर्ण किया था, तो लोग बेहद खुश थे। बस अड्डे के करीब के शैक्षणिक संस्थानों, पॉलीटेक्निक, एचबीटीयू, कृषि विश्वविद्यालय, आइआइपीआर, सीएसजेएमयू और एनएसआई के बच्चों में तो खासा उत्साह था। हर किसी को यही लग रहा था कि उन्हें अपने घर आने-जाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। हर जगह की बसें यहीं मिल जाएंगी।
10 अगस्त 2022 को जब मुख्यमंत्री ने लखनऊ से इस बस अड्डे का लोकार्पण किया था तो डंके की चोट पर ये कहा था कि कानपुर के सिग्नेचर बस अड्डे से प्रदेश भर में बसें चलाई जाएंगी। सीएम के एलान से कानपुर की जनता गदगद थी। लेकिन हकीकत तो ये है कि दो साल में भी यहां से बसों का परिचालन शुरु नहीं हो पाया है। सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
2 सालों से नहीं हुआ बसों का परिचालन
देखा जाए तो सिग्नेचर बस अड्डे में सब कुछ दरूस्त है। यहां बने एक कमरे में वरिष्ठ कर्मचारी रश्मि सिंह बैठती हैं। इसके अलावा दो और कर्मचारी भी यहां तैनात हैं। साफ-सफाई के लिए पांच कर्मचारी हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए शेड्स बने हुए हैं। पूरे बस अड्डे में लाइट्स के साथ कैमरे में लगे हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी यहां से बसों का परिचालन नहीं किया जा रहा है।
बेबस पड़ा है सिग्नेचर बस अड्डा
इलाके के लोगों का कहना है कि ऐसा अफसरों की लापरवाही से हो रहा है। जब भी यहां से बसों के परिचालन के बारे में पूछा जाता है अफसर कोई ना कोई बहाना गढ़ लेता हैं। कहा जा रहा है कि परिवहन मंत्री के हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम मिलते ही यहां से बसें चलाई जाएंगी। लेकिन वो शुभ घड़ी कब आएगी ये तय नहीं है। इस मामले में यूपी के सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार का कहना है कि आचार संहिता लागू होने से पहले सिग्नेचर बस अड्डे से बसों का परिचालन शुरु हो जाएगा तो क्या वकाई कानपुर के इस बेबस बस अड्डे का भाग्य खुलने वाला है।
