Best Places to Visit Near Kanpur: क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां बिताने के लिए कानपुर के पास शानदार हिल स्टेशन हैं। यहां आपको घूमने और देखने के लिए बहुत शानदार पर्यटन स्थल हैं। यह खूबसूरत और प्राचीन धरोहरों हैं। कानपुर से कुछ ही दूरी पर ऐसी गजब पहाड़ी जगहें हैं, जो आपने पहले नहीं देखी होंगी। इसके साथ ही आप ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों का भी आनंद ले सकते हैं। चलिए आज हम कानपुर के आसपास के कुछ हिल स्टेशनों के बारे में बताते हैं।
चित्रकूट धाम सुंदर प्राकृतिक और आध्यात्मिक स्थल
सबसे पहले बात करते हैं यूपी के चित्रकूट की। आप चित्रकूट घूमने के दौरान प्रसिद्ध दार्शनिक और पर्यटक स्थलों पर अपने परिवार के साथ समय बिता सकते हैं। पयस्वनी नदी के तट पर बसा चित्रकूट धाम सुंदर प्राकृतिक और आध्यात्मिक स्थल है। यहां भगवान रामचंद्र ने अपने वनवास के दौरान 11 वर्ष बिताए थे। संत तुलसीदास की तपोभूमि में घूमने को बहुत ही खूबसूरत धार्मिक स्थल मौजूद हैं। मंदाकिनी नदी के तट पर राम घाट स्थित है, रामघाट को एक पवित्र स्थल माना जाता है। चित्रकूट में घूमने के लिए सभी अद्भुत स्थानों में से एक गुप्त गोदावरी हैं। इसके अलावा चित्रकूट में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक सती अनुसुइया मंदिर और आश्रम है। लक्ष्मण पहाड़ी, हनुमान धरा, कामदगिरि मंदिर, आरोग्यधाम , भारत मिलाप मंदिर, जानकी कुंड, स्फटिक शिला, राम दर्शन समेत कई स्थल हैं। कानपुर से चित्रकूट की दूरी 187 किलोमीटर है।
बांदा में कई ऐतिहासिक पर्यटन स्थल
बांदा के आसपास घूमने की बहुत खूबसूरत जगह हैं। इन जगहों पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ जाकर आनंद ले सकते हैं। बांदा में बहुत खूबसूरत और विख्यात पर्यटन स्थल हैं। चित्रकूट के पास के इन पर्यटन स्थलों में भव्य पानी के झरने, ऐतिहासिक किले, प्राचीन मंदिर, रिसोर्ट, राष्ट्रीय उद्यान और शांतिपूर्ण आध्यात्मिक आश्रम एवं धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। बांदा के आसपास बृहस्पति कुंड झरना, धारकुंडी आश्रम, शबरी जलप्रपात, कालिंजर किला, पन्ना राष्ट्रीय उद्यान, खजुराहो, कुटनी बांध खजुराहो, अजयगढ़ किला, भूरागढ़ किला हैं। कानपुर से बांदा की दूरी 125 किलोमीटर है।
जालौन में है रामपुरा किला
जालौन जनपद में बुंदेली रियासत के स्वर्ण मंदिर के नाम से पहचाने जाने वाला रामपुरा किला है। 600 साल पहले राजा चित्तर सिंह ने इसका निर्माण कराया था। चंबल के हरे-भरे जंगलों के बीच स्थित किले को होटल हेरिटेज का दर्जा मिल चुका है। किले में विदेशी पर्यटक आते हैं। हाथी दांत, रियासत के समय के हथियार रामपुरा किले में संरक्षित हैं। रामपुरा किला कानपुर से 135 किलोमीटर की दूरी है।
औरैया में भी किले और दर्शनीय स्थल
औरैया में कुदरकोट का किला बिधूना के गांव कुदरकोट में स्थित है, जिसे पहले कुंदनपुर के नाम से पहचाना जाता था। इसे भगवान श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में जाना जाता है। यहां के राजा भीष्मक की पुत्री रुकमणी का विवाह श्रीकृष्ण से हुआ था। औरैया में देवकली मंदिर, सेंगुर नदी तट पर बूढ़ादाना स्थित प्राचीन किला, मां मंगला काली मंदिर, कुड़हर का किला परशु कुड़हर गांव में स्थित है।
पर्यटकों के लिए सबसे खास है अटेर का किला
इसके अलावा, मध्य प्रदेश के भिंड में पर्यटकों के लिए सबसे खास अटेर का किला है। यह प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित है। इसका निर्माण भदौरिया राजा बदन सिंह और महा सिंह ने 1664-1668 के काल में कराया था। यह चंबल की गहरी वादियों में है। इस प्राचीन किले को देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं। आगरा से भिंड के अटेर के किले की दूरी 203 किलोमीटर की दूरी पर है।
प्रयागराज भी जा सकते हैं घूमने
संगम स्थली के नाम से प्रसिद्ध प्रयागराज भी घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां त्रिवेणी संगम, अक्षय वट, बड़े हनुमान जी मंदिर, फन गांव वॉटर पार्क, नैनी ब्रिज और सोमेश्वर महादेव मंदिर आदि प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। कानपुर से प्रयागराज की दूरी 202 किलोमीटर है।झांसी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर जा सकते हैं आप स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी वो एक रानी जिसने अंग्रेजों को दांतों तले चने चबवा दिए थे। झांसी की रानी के शहर के बारे में कोई कैसे भूल सकता हैं। झांसी में घूमने के लिए काफी स्थल हैं। झांसी का किला, महालक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर और रानी महल आदि झांसी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर आप जा सकते हैं। कानपुर से झांसी की दूरी 228 किलोमीटर है।
लखीमपुर खीरी के दुधवा राष्ट्रीय उद्यान में भी जाएंउत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान है। यह काफी लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह बारहसिंगा और बाघों के लिए भारत के साथ-साथ दुनिया भर में प्रसिद्ध है, यहां जाकर आप प्रकृति का आनंद उठा सकते हैं। कानपुर से 221 किलोमीटर की दूरी पर लखीमपुर खीरी है।
