कल का मौसम (Kal Ka Mausam): देशभर में मानसून लगातार रफ्तार पकड़ रहा है और आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत, पूर्वी भारत, पर्वतीय क्षेत्रों और पश्चिमी तट के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का पूर्वानुमान जारी किया है। वेदर सिस्टम की बात करें तो इस समय सीजनल ट्रफ पंजाब से लेकर बिहार तक फैली हुई है, जिससे उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना हुआ है।
इसके अलावा मध्य क्षोभमंडल में एक पश्चिमी विक्षोभ 77° पूर्वी देशांतर के आसपास और 25° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में प्रभावी है, जिसका असर उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर पड़ सकता है। निचले वायुमंडलीय स्तरों में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से तेलंगाना तक एक ट्रफ सक्रिय है। वहीं मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर निचले तथा मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इसके अलावा महाराष्ट्र तट से लगे पूर्व-मध्य अरब सागर और उत्तर तेलंगाना के ऊपर भी मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिससे कई इलाकों में वर्षा की गतिविधियों को बल मिल रहा है। वहीं मध्य क्षोभमंडल में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश से मध्य महाराष्ट्र तक तथा निचले क्षोभमंडल में उत्तर आंतरिक कर्नाटक से लेकर कन्याकुमारी (कोमोरिन) क्षेत्र तक एक ट्रफ बनी हुई है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 2 जुलाई 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिससे क्षेत्र में मौसम में एक बार फिर बदलाव आने की संभावना है।
कहां तक पहुंचा मानसून?
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 की प्रगति के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में 20°N/60°E से होते हुए 20°N/65°E, 20°N/70°E, सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज (मेदिनीनगर), मोतिहारी तथा 28.3°N/83°E तक फैली हुई है। मौसम स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, जिसके चलते अगले 2–3 दिनों में मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के अन्य क्षेत्रों तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके बाद आने वाले 2–3 दिनों में यह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के अतिरिक्त क्षेत्रों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ सकता है।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहने की संभावना है। दोपहर बाद या रात के समय हल्की से बहुत हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इस दौरान सतही हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जो झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। राजधानी में अधिकतम तापमान लगभग 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री सेल्सियस अधिक तथा अधिकतम तापमान भी सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। सतही हवाएं मुख्य रूप से पश्चिम दिशा से चलेंगी। सुबह के समय इनकी गति लगभग 20 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है, जो दोपहर में बढ़कर 25 किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी। शाम और रात के समय हवा की गति फिर घटकर लगभग 20 किमी प्रति घंटा तक रहने की संभावना है।
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगा?
30 जून 2026 को उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। प्रदेश के कई इलाकों में मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। इस अवधि में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है, हालांकि धीरे-धीरे गर्मी में थोड़ी राहत मिल सकती है। IMD का यह भी कहना है कि 30 जून तक तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिलेगी। कुछ स्थानों पर गरज के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे मौसम में अस्थिरता बनी रह सकती है।
बिहार में अगले पांच दिनों का मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में भी 30 जून से अगले पांच दिनों तक मौसम में सक्रिय बदलाव देखने को मिल सकता है। इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। इसके साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति भी बनी रह सकती है, जिससे मौसम अस्थिर रहेगा। 30 जून और 1 जुलाई के बीच राज्य के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है, जबकि 2 से 3 जुलाई के दौरान बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं तथा कई स्थानों पर व्यापक वर्षा देखने को मिल सकती है। इस दौरान आर्द्रता (Humidity) भी अधिक रहेगी, जिससे उमस भरा मौसम महसूस होगा।
राजस्थान में इस हफ्ते हो सकती है मध्यम से भारी बारिश
दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियों के बीच राजस्थान के कई हिस्सों में इस हफ्ते मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा इस समय गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार के कुछ भागों से होकर गुजर रही है। आगामी दो-तीन दिन में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ भागों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल है। राज्य के कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ भागों में आगामी दिनों में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इस दौरान जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में कहीं-कहीं हल्की/मध्यम बारिश होगी। वहीं दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में दो जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। 3 से 5 जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनसुार इस हफ्ते की शुरुआत में जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, वहीं नमी अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी पड़ेगी।
मुंबई में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के मुताबिक इस दौरान मूसलाधार बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के जिलेवार नवीनतम पूर्वानुमान के मुताबिक मुंबई में शुक्रवार तक कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने बुधवार के लिए कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश, बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अनुमान लगाया है, जबकि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD ने सोमवार के लिए पालघर जिले में बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है वहीं रायगढ़ के लिए अगले पांच दिन ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा।
पर्वतीय राज्यों के लिए क्या है अलर्ट?
देश के पर्वतीय राज्यों की बात करें तो यहां 30 जून को उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा हो सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
तमिलनाडु के चार जिलों में भारी बारिश का अनुमान
क्षेत्रीय मौसम केंद्र (आरएमस) ने तमिलनाडु के चार जिलों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, क्योंकि कम दबाव का क्षेत्र राज्य भर में मौसम की स्थिति को प्रभावित कर रहा है। आरएमसी के अनुसार, समुद्र तल से लगभग 1.5 किमी की ऊंचाई पर हवा का एक घेरा (एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन) बना हुआ है, जो कर्नाटक से कन्याकुमारी के समुद्र तक फैला है। इसके असर से कोयंबटूर जिले के पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ नीलगिरी, डिंडीगुल और थेनी जिलों में एक-दो जगहों पर भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस मौसम सिस्टम से तमिलनाडु के कई अन्य जिलों में भी मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। इनमें उत्तरी क्षेत्र के चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर, रानीपेट और वेल्लोर के साथ-साथ तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, पुदुक्कोट्टई, नमक्कल, इरोड, सलेम और मदुरै जिले शामिल हैं। कोयंबटूर जिले के पहाड़ी इलाकों और नीलगिरी में मंगलवार को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में बारिश हल्की से मध्यम रहने की उम्मीद है। वहीं राजधानी चेन्नई में भी आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दिन के दौरान कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है।
तापमान कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है। 30 जून से 2 जुलाई के बीच तापमान में लगभग 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद इसमें कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। महाराष्ट्र में भी 30 जून के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के आसार हैं। वहीं गुजरात में 1 जुलाई के बाद तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। देश के अन्य हिस्सों में 4 जुलाई तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गर्मी का प्रभाव बना रह सकता है। वहीं कुछ क्षेत्रों में उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है। ऐसे में लोगों को तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
