Kal Ka Mausam: बदलते मौसम को लेकर IMD का बड़ा अलर्ट! झमाझम बारिश के साथ कहीं बढ़ेगी ठंड तो कहीं लुढ़केगा पारा
- Authored by: Nilesh Dwivedi
- Updated Dec 15, 2025, 04:06 PM IST
Kal Ka Mausam, 16 December 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: देशभर में मौसम ने एक साथ कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। कहीं ठंड बढ़ रही है तो कहीं तापमान में उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों तक असर साफ नजर आ रहा है। इसके साथ ही कोहरा, शीतलहर और खराब वायु गुणवत्ता खासतौर से (दिल्ली एनसीआर में), ने कई राज्यों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में आइए जानें कल का मौसम कैसा रहेगा?
कल का मौसम 16 दिसंबर 2025
Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): देशभर में इस समय मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। बीते 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश और गुजरात के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। इसी तरह तेलंगाना, विदर्भ, बिहार, छत्तीसगढ़, असम और गंगा के पश्चिमी बंगाल के कुछ हिस्सों में भी रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों में, साथ ही हरियाणा, उत्तरी मध्य प्रदेश तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों में निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।
इसके अलावा, मध्य क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में एक और पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में मौजूद है, जिसका अक्ष समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर 60 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ-साथ 30 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में फैला हुआ है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम बह रही है, जिसकी गति लगभग 120 नॉट बताई गई है। वहीं दक्षिणी तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडल स्तर पर एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। अनुमान है कि 17 दिसंबर 2025 की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश कर सकता है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 18 से 21 दिसंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ 20 और 21 दिसंबर को तथा उत्तराखंड में 16 और 21 दिसंबर को भी इसी तरह का मौसम रहने के आसार हैं। इसके अलावा तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 16 और 17 दिसंबर को कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 से 18 दिसंबर के दौरान कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
दिल्ली में कल का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में कल मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। सुबह के समय अधिकांश इलाकों में मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है। दिन के दौरान सतही हवाओं की रफ्तार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। राजधानी में अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.4 से 2.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के करीब बना रहेगा। सुबह के समय सतह पर चलने वाली हवाएं मुख्य रूप से पश्चिम दिशा से चलेंगी और उनकी गति लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। दोपहर में हवा की रफ्तार बढ़कर उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। वहीं शाम और रात के समय हवा की गति कम होकर पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रति घंटा से नीचे रह सकती है।
दिल्ली में AQI कैसा है?
सोमवार को दिल्ली में धुंध की चादर छाई रही और वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई। राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 498 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। शहर के 38 निगरानी केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर रही, जबकि दो केंद्रों पर इसे ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी क्षेत्र में एक्यूआई 498 दर्ज हुआ, जो दिल्ली के सभी 40 निगरानी केंद्रों में सबसे खराब रहा। इससे एक दिन पहले रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 461 तक पहुंच गया था, जो इस सर्दी का सबसे प्रदूषित दिन साबित हुआ और दिसंबर महीने का दूसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला दिन रहा। कमजोर हवाओं और गिरते तापमान के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण की निचली सतह पर ही जमा रहे, जिससे हालात और बिगड़ गए। इस बीच, वजीरपुर स्थित वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र पर दिन के दौरान अधिकतम एक्यूआई 500 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) 500 से अधिक एक्यूआई होने पर आंकड़े दर्ज नहीं करता है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली (एक्यूईडब्ल्यूएस) के मुताबिक, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता फिलहाल ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी रहने की संभावना है और अगले छह दिनों तक इसके ‘बेहद खराब’ स्तर पर रहने की आशंका जताई गई है।
यूपी में कल का मौसम
उत्तर प्रदेश में कोहरे का असर अब तेज़ी से देखने को मिलने लगा है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में सुबह के समय घने कोहरे की परत छाई रही। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 दिसंबर से 20 दिसंबर तक प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। इस अवधि में सुबह के वक्त हल्के से लेकर मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा देखने को मिल सकता है। वहीं राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। पूरे उत्तर प्रदेश की स्थिति पर नजर डालें तो आज 46 जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की आशंका को देखते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी क्षेत्रों में हल्के से मध्यम स्तर के कोहरे की संभावना बनी हुई है। हालांकि जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, कोहरे के धीरे-धीरे छंटने के आसार हैं।
बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 18 दिसंबर को राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और बारिश के कोई आसार नहीं हैं। विभाग के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर जिलों में आसमान साफ या आंशिक रूप से साफ बना रहेगा। आने वाले तीन दिनों के दौरान दिन और रात के तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई गई है। मौसम सेवा केंद्र ने बताया कि अगले 72 घंटों तक ठंड का प्रभाव जारी रहेगा, हालांकि तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है। सुबह और रात के समय ठंड अधिक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में हल्की धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिलने की संभावना है।
राजस्थान में आने वाले दिनों का मौसम
मेवाड़ अंचल में अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से संभावित बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं मेवाड़ सहित पूरे प्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं, जिससे शीतलहर की स्थिति बनने के आसार हैं। ठंड के बढ़ते असर के बीच राज्य के कुछ इलाकों में इस सर्द मौसम की पहली मावठ होने की भी संभावना बन रही है। मावठ उस बारिश को कहा जाता है जो राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दियों के दौरान, आमतौर पर दिसंबर से मार्च के बीच, देखने को मिलती है। इसके प्रभाव से उदयपुर समेत मेवाड़ और प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में ठिठुरन और बढ़ सकती है। वहीं ठंडी हवाओं के कारण उत्तरी राजस्थान में शीतलहर का असर बना रहने की संभावना है।
आने वाले दिनों में तापमान का हाल
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद आने वाले चार दिनों में तापमान में फिर से लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। गुजरात की बात करें तो अगले दो दिनों तक राज्य में न्यूनतम तापमान में किसी खास बदलाव की उम्मीद नहीं है, जबकि इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। वहीं महाराष्ट्र सहित मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में आगामी सात दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में किसी बड़े परिवर्तन की संभावना नहीं जताई गई है।
कोहरे और शीतलहर की चेतावनियां
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में 16 से 20 दिसंबर के बीच तड़के और सुबह के समय घने कोहरे की स्थिति बन सकती है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में 16 से 18 दिसंबर के दौरान सुबह के वक्त घना कोहरा छाए रहने की प्रबल आशंका जताई गई है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 16 और 17 दिसंबर को तड़के और सुबह के समय घने कोहरे की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 16 और 17 दिसंबर को तथा मध्य प्रदेश में 16 से 18 दिसंबर के दौरान सुबह के समय घना कोहरा छाने के आसार हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में 16 दिसंबर को और मध्य प्रदेश में 16 और 17 दिसंबर को अत्यधिक घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है।
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