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"चंबल की चमड़ी है साहब!" ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया गर्मी से बचने का देसी नुस्खा, वीडियो हुआ वायरल

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी में गर्मी से बचने का अनोखा नुस्खा बताया। सिंधिया ने बताया कि वो एसी में नहीं रहते हैं, इसके साथ ही पुरानी परंपराओं से जुड़ने की सलाह दी। देखें वायरल वीडियो।

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सिंधिया ने जेब से प्याज निकालकर दिखाया (स्क्रीनग्रैब)

Photo : ANI

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक जनसभा के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। चंबल की भीषण गर्मी के बीच सिंधिया ने जेब से प्याज निकालकर सबको हैरान कर दिया। सिंधिया का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

51 डिग्री की गर्मी और सिंधिया का 'देसी नुस्खा'

मई-जून की तपती धूप और पारा चढ़ने के बीच लोग अक्सर एयर कंडीशनर (AC) का सहारा लेते हैं, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया का तरीका बिल्कुल अलग है। उन्होंने जनसभा में खुलासा किया कि वह न तो अपनी गाड़ी में एसी चलाते हैं और न ही एसी वाले वातावरण में बैठना पसंद करते हैं। सिंधिया ने कहा, "लोग पूछते हैं कि इतनी गर्मी में कैसे रह लेते हो? मैं कहता हूं कि यह चंबल की चमड़ी है, थोड़ी मोटी होती है। मुझे पसीना बहाने में मजा आता है।"

जेब से निकाला प्याज

भाषण के दौरान सिंधिया ने अपनी जेब से एक प्याज निकाला और लोगों को दिखाते हुए कहा, "आधुनिक युग में सब मोबाइल (डब्बे) लेकर घूम रहे हैं, और संचार मंत्री अपनी जेब में प्याज लेकर घूम रहा है। जेब में प्याज रखो और सिर पर पट्टा (तौलिया) डालो, फिर निकल पड़ो...।" सिंधिया ने आयुर्वेद और पुरानी परंपराओं के बारे में बताते हुए कहा कि भले ही हम आधुनिक हो रहे हैं, लेकिन हमें अपने पुरखों के नुस्खों को नहीं भूलना चाहिए। इसी बीच रैली में मौजूद एक बुजुर्ग ने भी अपनी जेब से प्याज निकालकर दिखाया, जिस पर सिंधिया ने मुस्कुराते हुए कहा कि यही जमीन से जुड़ाव की असली पहचान है।

"आत्मा बूढ़ी है, योद्धा की तरह लड़ूंगा"

खुद को जनता का सेवक और योद्धा बताते हुए सिंधिया ने कहा, "मैं दिखने में थोड़ा जवान हो सकता हूं, लेकिन मेरी आत्मा बहुत पुरानी और अनुभवी है। सिंधिया परिवार हमेशा जमीन से जुड़ा रहा है और आपका यह योद्धा आखिरी सांस तक आपके लिए लड़ेगा।"

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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