झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने बातचीत की पहल की है। प्रशासन के माध्यम से छात्रो को वार्ता का प्रस्ताव भेजा गया है। छात्रों ने बातचीत के लिए अपने 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अंतिम रूप दे दिया है। हालांकि, अभी डेलिगेशन में शामिल सदस्यों के नामों का ऐलान नहीं किया जाएगा। सरकार की ओर से अभी बैठक की जगह और समय तय नहीं किया गया है। सरकार के जवाब के बाद गुरुवार दोपहर तक बैठक का समय और वेन्यू फाइनल होने की संभावना है।
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सरकार ने भेजा बातचीत का न्योता
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि एसडीएम के जरिए सरकार का संदेश मिला है। सरकार छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ औपचारिक वार्ता कर आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहती है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार की तरफ से बनने वाली कमेटी में उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, समाज कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव शामिल हो सकते हैं। बैठक का अंतिम फैसला सरकार की ओर से समय और स्थान तय होने के बाद लिया जाएगा।
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सरकार के रवैये पर भी उठाए सवाल
छात्र नेता ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 12 दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी है। इस दौरान विपक्ष के कई नेता धरना स्थल पर पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की। लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से अब तक कोई मंत्री या वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि छात्रों से मिलने के लिए नहीं आया।
वार्ता पर विचार के बाद होगा अंतिम फैसला
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल के गठन के बाद ही यह तय किया जाएगा कि सरकार के साथ बातचीत में किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और आंदोलन की आगे की रणनीति क्या होगी।
