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Jharkhand Protest: CID रिपोर्ट की इन तीन पन्नों में छिपा है वो राज, जिसके कारण JSSC CGL को रद्द करने पर अड़े हैं छात्र

झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) CGL परीक्षा की गड़बड़ियों पर सीआईडी की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है। टाइम्स नाउ नवभारत के हाथ लगे इन रिपोर्ट्स से साफ है कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं हैं।

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JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ियों पर CID की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा (AI Photo)

झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र लगातार आंदोलनरत हैं। 22 सितंबर 2024 को आयोजित इस परीक्षा को लेकर छात्रों का दावा है कि बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। अब CID द्वारा 1 जनवरी 2025 से शुरू की गई जांच और दर्ज बयानों की Exclusive रिपोर्ट के पन्ने सामने आने के बाद छात्रों के आरोपों को पुख्ता आधार मिलता दिख रहा है।

सीआईडी जांच के दस्तावेजों के अनुसार, परीक्षा से ठीक दो दिन पहले 20 सितंबर 2024 को किस तरह अभ्यर्थियों को सवाल और जवाब रटवाए गए थे, इसका पूरा ब्योरा सामने आया है।

Page 1: पटना से नेपाल तक अभ्यर्थियों को सेट करने का खेल

सीआईडी की जांच रिपोर्ट के मुख्य बिंदु यह खुलासा करते हैं कि पेपर लीक और नकल कराने के लिए एक संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था। जांच के अनुसार राम प्रवेश यादव और उसके साले रघुवीर यादव ने 28 अभ्यर्थियों को सेट करने का जिम्मा लिया था। 22 सितंबर की परीक्षा से दो दिन पहले (20 सितंबर 2024) सभी 28 अभ्यर्थियों को पटना बुलाया गया। वहां से कौशलेंद्र उर्फ राहुल के पास से उन्हें नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में ठहराया गया। संदीप त्रिपाठी नाम का व्यक्ति सीजीएल परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के उत्तर लेकर होटल पहुंचा। वहां अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर याद करवाए गए। आरोपियों द्वारा अभ्यर्थियों को 135 प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे, जिनमें से 120 प्रश्नों के उत्तर परीक्षा के वास्तविक पेपर से हुबहू मेल खा गए। जांच रिपोर्ट में दर्ज है कि इन 28 में से 10 अभ्यर्थियों ने CGL परीक्षा क्लियर कर ली। अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। सीआईडी को अब तक खातों में करीब 8 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है, जिसमें से 2 लाख रुपये आरोपी की पत्नी के आईसीआईसीआई बैंक खाते (औरंगाबाद) में भेजे गए थे। जांच में सामने आया कि राम निवास राय के भाई निवास राय, जो रामगढ़ में होमगार्ड है, ने भी अभ्यर्थियों को सेट करने में मदद की थी।

सीआईडी की रिपोर्ट

सीआईडी की रिपोर्ट

Page 2: मूल प्रमाणपत्र जब्त, रिजल्ट के बाद कोडरमा में वसूली का दबाव

जांच रिपोर्ट के दूसरे पन्ने में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने छात्रों को ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने के लिए पूरे इंतजाम किए थे। अभ्यर्थियों को तीन-तीन कमरों में रुकवाकर उनके मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और कुछ छात्रों के खाली चेक जमा करा लिए गए थे। 21 सितंबर की सुबह 6 से 9 बजे के बीच मनोज यादव और हरिहर सिंह उर्फ हरि (अंसारी) प्रश्न-उत्तर लेकर पहुंचे। एक छात्र दिलीप पासवान द्वारा छुपकर कुछ लिखने पर मनोज यादव ने भारी नाराजगी भी जताई थी। सीआईडी रिपोर्ट में परीक्षा में सफल हुए जिन 10 छात्रों का उल्लेख किया गया है, वे हैं—अरविंद कुमार, अमन कुमार सिंह, विभूति अमन, दिवाकर कुमार देव, उपेन्द्र यादव, कृष्णा स्नेही, दयानंद यादव, नवीन कुमार यादव, उमेश यादव और विकास कुमार।रिजल्ट आने के बाद जब पैसे मिलने में देरी हुई, तो आरोपियों ने कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल के बगल वाले पार्क में 11 छात्रों से मुलाकात की और फाइनल रिजल्ट पर 8-10 लाख रुपये (करीब 50%) देने का दबाव बनाया। आरोपी दिसंबर में CGL डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के वक्त (10-13 और 17-20 दिसंबर) रांची के जेड स्क्वायर होटल में ठहरा था, जहां छात्रों से पैसे लेने की कोशिश की गई।

सीआईडी की रिपोर्ट

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Page 3: कोलकाता और आसनसोल में छापेमारी व जांच

सीआईडी ने मामले के अन्य मुख्य आरोपियों के ठिकानों और वित्तीय संपर्कों का भी भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया है। मामले में पूरक कांड दैनिकी संख्या-2 (09 जून 2025) समर्पित की जा चुकी है। अनिश कुमार और विनय साह की गिरफ्तारी के बाद अनिश के कोलकाता (विधाननगर साल्ट लेक सेक्टर-111) स्थित किराये के फ्लैट की जांच की गई। कोलकाता के Amar Tree Express Hotel की जांच में पता चला कि अनिश कुमार के ठहरने के लिए ₹58,170 का भुगतान किया गया था। जांच के दौरान अरूप सिन्हा द्वारा उपलब्ध कराई गई रेलवे से संबंधित पे-स्लिप को प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया। सीआईडी टीम ने नियामतपुर (आसनसोल) के मात भवन होटल के रजिस्टर की जांच की। रिकॉर्ड के अनुसार 20/21 सितंबर 2024 को वहां करीब 120 लोग ठहरे थे, जिसकी जांच जारी है।

सीआईडी की रिपोर्ट

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इन तमाम दस्तावेजी सबूतों और सीआईडी की जांच रिपोर्ट में हुए खुलासों से यह साफ जाहिर होता है कि JSSC CGL परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह प्रभावित हुई थी। यही कारण है कि अभ्यर्थी इस परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी परीक्षा कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।

Abhishek Raj
अभिषेक राजauthor

मैं अभिषेक राज वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में सीनियर रिपोर्टर के पद पर कार्यरत हूँ, मैं टाइम्स नाउ नवभारत के लिए national crime इंवेस्टिगेशन और स्पेशल स्टोरी का काम देखता हूं। इससे पहले मैं ZEE न्यूज़ में crime और इन्वेस्टीगेशन विभाग में रिपोर्टर के पद पर तैनात था. मैंने ऑपरेशन मुख्यमंत्री, ऑपरेशन धर्ममंत्रण के स्लीपर सेल, ऑपरेशन किसान आंदोलन जीवी, श्रद्धा मर्डर केस, तुनिषा शर्मा आत्महत्या केस, हिमाचल बाढ़ त्रासदी, एल्विश यादव केस आदि जैसी कई स्टोरीज़ की हैं।

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