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Jharkhand Protest: JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते गिरफ्तार, छात्रों के प्रदर्शन के बीच CID का बड़ा एक्शन

Jharkhand Protest: रांची से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सीआईडी (CID) ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है।

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जेपीसी के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार (AI Photo)

Jharkhand Protest: झारखंड में जारी छात्रों के विधानसभा मार्च के बीच सीआईडी ने बड़ा एक्शन लिया है। सीआईडी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते पर परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं।

यह गिरफ्तारी तब हुई है, जब रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवार एक्शन को लेकर कई दिनों से अनशन पर हैं। छात्र संगठन JSSC-CGL परीक्षा की पूरी और स्वतंत्र CBI जांच के साथ-साथ JPSC और JSSC, दोनों में व्यापक सुधारों की मांग कर रहे हैं।

परीक्षा में अनियमितताओं का विरोध कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के हजारों अभ्यर्थियों ने सोमवार को झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया और एक के बाद एक कई अवरोधक तोड़ते हुए आगे बढ़े जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें कीं और लाठीचार्ज किया। हाथों में तिरंगा और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी जब नए विधानसभा परिसर की ओर जाने वाले मार्ग पर जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम अवरोधक तक पहुंचे तब पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें कीं और लाठीचार्ज भी किया। पुलिस द्वारा पानी की बौछारें करते ही प्रदर्शनकारी झूम उठे। छात्रों ने प्रदर्शन के 17वें दिन अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।

इस मुद्दे पर नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) नेता देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस में बैठकर इस मार्च में शामिल हुए। भूख हड़ताल पर बैठे महतो का 10.5 किलोग्राम वजन घट गया है। इस दौरान वह पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लिए हुए नजर आए। उन्होंने कहा, ’’हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं और सभी से अपील करते हैं कि वे इस शांति को बनाए रखने में हमारी मदद करें। हम उन लाखों छात्रों की आवाज उठा रहे हैं जो अपने सपनों और करियर के लिए संघर्ष कर रहे हैं... मेरी सेहत बिगड़ रही है।’’

प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराई जाए।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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