पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में रविवार तड़के छात्रों के प्रदर्शन के बाद तनाव बढ़ गया। यहां रविवार शाम को एक बार फिर छात्र उग्र हो गए। पुलिस के मुताबिक, छात्रों ने शाम में कैंपस में तोड़फोड़ की, कई जगह आगजनी की और दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया। यह प्रदर्शन एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की खबर के बाद शुरू हुआ। हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया है।
शाम को फिर उग्र हुए छात्र
पुलिस के मुताबिक, छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म को लेकर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बाहर विरोध कर रहे छात्रों की पुलिस से झड़प हो गई। दरअसल, पुलिस ने हॉस्टल की ओर जाने वाले रास्ते पर यूनीवर्सिटी की दीवाल में लगे गेट को बंद कर दिया था। जिसके बाद छात्रों ने उसे खुलवाने की कोशिश की, जब पुलिस नहीं मानी तो उग्र हुए छात्रों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। इस झड़प के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल भी हो गए।
छात्रों की शिकायत पर मामला दर्ज, SIT गठित
पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, फोरेंसिक सैंपल और कॉल रिकॉर्ड समेत उपलब्ध सबूतों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
आधी रात से शुरू हुआ था प्रदर्शन
पुलिस के मुताबिक,रविवार रात करीब एक बजे लड़कियों के हॉस्टल के पास प्रदर्शन शुरू हुआ। कुछ छात्रों ने दावा किया कि तीन दिन पहले हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ एक बाहरी व्यक्ति ने दुष्कर्म किया। छात्रों का आरोप था कि हॉस्टल वार्डन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन करने लगे। मामला बढ़ने पर कैंपस में पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए SIT बनाई गई है और छात्रों के प्रतिनिधियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में फोरेंसिक सैंपल, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड समेत दूसरे सबूतों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद ही दुष्कर्म के आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। पुलिस के अनुसार, छात्रों ने हॉस्टल में महिला स्टाफ की मांग समेत कुछ अन्य मुद्दे भी उठाए हैं। इन मांगों पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन के साथ बैठक की जाएगी।यूनिवर्सिटी ने रेप के दावे को बताया अफवाह
LPU प्रशासन ने दुष्कर्म की घटना से इनकार किया है। यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व छात्रों के बीच झूठी,निराधार और मनगढ़ंत बातें फैला रहे हैं। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि कुछ छात्राओं का वीडियो जारी किया गया है, जिसमें गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं ने किसी दुष्कर्म की घटना से इनकार किया है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक,ये छात्राएं करीब दो महीने से वहां रह रही हैं। वहीं, LPU ने छात्रों,अभिभावकों और आम लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें।
डीन का बयान आया सामने
वहीं, LPU के डीन सौरव लखनपाल ने कहा कि छात्रों की ओर से मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने इसे गंभीरता से लिया। उनके मुताबिक, छात्रों की CCTV फुटेज देखने की मांग पूरी की गई और उन्हें संबंधित कमरे को भी दिखाया गया। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ने छात्रों से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने को कहा था और प्रशासन, पुलिस तथा वार्डन की ओर से सहयोग का भरोसा दिया गया। डीन ने दावा किया कि बाद में स्थिति अफवाहों के कारण बिगड़ती गई और कुछ बाहरी तत्वों ने कैंपस में तोड़फोड़ कर माहौल खराब करने की कोशिश की।एक छात्रा की आत्महत्या का मामला भी उठा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले तेलंगाना की रहने वाली एक छात्रा की एलपीयू में आत्महत्या से मौत हुई थी। छात्रों ने इस मामले में भी किसी गड़बड़ी की आशंका जताई है। DIG सिंगला ने कहा कि यदि छात्रों की ओर से मामले में किसी तरह की गड़बड़ी का आरोप लगाया जाता है तो उसकी भी जांच की जाएगी।
छात्रों की हैं ये मांग
प्रदर्शनकारी छात्र केवल कथित दुष्कर्म मामले की जांच की मांग नहीं कर रहे थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम की पहुंच बंद नहीं करने और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने की मांग भी रखी। छात्रों की मांग थी कि LPU के संस्थापक और चांसलर अशोक मित्तल प्रदर्शन स्थल पर आएं और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दें। मित्तल भाजपा के राज्यसभा सांसद भी हैं। LPU के कुलपति जसपाल सिंह संधू ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज शिकायतों का समाधान किया जाएगा। हालांकि, शुरुआती दौर में छात्रों और प्रबंधन के बीच हुई बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
पुलिस ने बताया- स्थिति नियंत्रण में
घटना के बाद कपूरथला, जालंधर ग्रामीण और होशियारपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कपूरथला के SSP गौरव तूरा ने कहा कि पुलिस ने छात्रों से बातचीत की है और उनकी समस्याओं को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
