जयपुर

International Yoga Day: 8 साल में 22 हजार विद्यार्थी योग में प्रशिक्षित, देश-विदेश में दे रहे सेवा

राजस्थान में संस्कृत और भारतीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित जगद्‌गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय ने 2017 में 'योग शिक्षा' के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू की थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में स्थापित इस योग विभाग ने न केवल प्रदेश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

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Yoga Day

राजस्थान के जगद्‌गुरु रामानंदाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय ने 2017 में 'योग शिक्षा' के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू की थी, जिसका उद्देश्य युवाओं को भारतीय प्राचीन ज्ञान योग विज्ञान से जोड़ना और इसे व्यावसायिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना है। इस विभाग की स्थापना तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में की गई थी। वर्तमान में, विभाग में दो सहायक आचार्य कार्यरत हैं, जो विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। कुलपति प्रो. रामसेवक दुबे ने विभाग के विस्तार और शोध की दिशा में योग को आगे बढ़ाने की योजना का उल्लेख किया।

2,000 विद्यार्थी योग में प्रशिक्षित

विभाग में स्नातक (बीएससी), स्नातकोत्तर (एमएससी) और एक वर्षीय डिप्लोमा (पोजीडीवाईटी) जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जो छात्रों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ योग प्रशिक्षक, थेरेपिस्ट और शोधकर्ता के रूप में तैयार करते हैं। विद्यार्थियों को विभिन्न योगाभ्यासों में दक्ष किया जाता है, जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, और प्राणायाम। अब तक, इस विभाग से लगभग 2,000 विद्यार्थी योग में प्रशिक्षित होकर निकल चुके हैं, जो न केवल भारत में बल्कि 25 बाहरी देशों में भी योग का प्रचार कर रहे हैं। विभागाध्यक्ष शास्त्री कोसलेंद्रदास ने बताया कि उनका प्रयास है कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास न रहकर एक संपूर्ण जीवनशैली के रूप में विद्यार्थियों के जीवन में स्थान पाए। भविष्य में, विभाग को शोध और नवाचार के केंद्र में रखते हुए और समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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