Rajasthan Politics : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज राजस्थान के विवाद को सुलझाने के लिए अशोक गहलोत और सचिन पायलट से अलग-अलग मिलेंगे। ये बैठक आज दोपहर बाद कांग्रेस मुख्यालय में होगी। कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब आलाकमान राजस्थान के विवाद का समाधान चाहता है। गहलोत और पायलट के बीच पावर शेयरिंग को लेकर इससे पहले हुई बैक चैनल टॉक परवान नहीं चढ़ सकी थी। लेकिन इस बार राजस्थान को लेकर आलाकमान के रणनीतिकारों का नया फार्मूला तैयार है।
विवाद के समाधान के लिए ये हैं मांगे
- अशोक गहलोत मुख्यमंत्री के पद पर बने रहें
- वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और तेज तर्रार जाट नेता गोविंद सिंह डोटासरा को डिप्टी सीएम बना दिया जाए। वो गहलोत के करीबी भी हैं
- सचिन पायलट को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बना दिया जाए और टिकट बंटवारे में उनको अहमियत मिले
- सचिन द्वारा वसुंधरा राजे के खिलाफ उठाए गए भ्रष्टाचार के मुद्दों पर गहलोत सरकार जांच समिति गठित करे या कोई दूसरा निकाल कर उनको और जनता को संतुष्ट करें
पिछली बार पायलट ने की थी ये मांग
राजस्थान में शक्ति संतुलन बनाने के लिए सचिन पायलट को कैंपेन कमेटी का चैयरमैन बनाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन सचिन के करीबी सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को उन्होंने महत्वपूर्ण नहीं माना। पायलट कैंप के मुताबिक अगर कांग्रेस विपक्ष में होती तो इस ओहदे का महत्व भी होता। दरअसल, सचिन पायलट सरकार और पार्टी में एक अहम भूमिका के साथ ही टिकट बंटवारे में भी अपनी बड़ी भूमिका चाहते हैं। जिससे कि चुनाव के बाद उनके समर्थक विधायकों की संख्या ज्यादा हो।
