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अपने ही देश में यहां बनेगी 280 KMPH की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन, जानें कब होगी तैयार

देश को अपनी पहली बुलेट ट्रेन का इंतजार है, जिसका अहमदाबाद से मुंबई के बीच काम तेजी से चल रहा है। अब खबर है कि 280 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन भी भारत में ही बनेगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर हैदराबाद में बनेगा और फाइनल असेंबली बेंगलुरू में होगी।

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बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट

Photo : PTI

देश का बुलेट ट्रेन (Bullet Train) का सपना जल्द ही सच होने वाला है। अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली पहली बुलेट ट्रेन का काम तेजी से चल रहा है। स्टेशन आकार लेने लगे हैं। कई नदियों पर पुल बनकर तैयार हैं और टनल का काम भी हो रहा है। इस बीच एक और बड़ी खबर ये है कि देश की 280 की अधिकतम स्पीड से चलने वाली बुलेट ट्रेन देश में ही बनेगी।

इस ट्रेन की मैक्सीमम स्पीड 280 किमी प्रति घंटा होगी। हालांकि, इसकी ऑपरेटिंग स्पीड 250 किमी प्रति घंटा ही होगी। इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) ने 2 चेयर कार वाली हाई स्पीड ट्रेन बनाने के लिए 5 सितंबर को टेंड आमंत्रित किए थे। बिड जमा करने की अंतिम तारीख गुरुवार 19 सितंबर थी।

यहां बनेंगी बुलेट ट्रेन

हालांकि, ICF ने अभी टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। हालांकि, मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, बुलेट ट्रेन को बीईएमएल (BEML) के बेंगलुरू प्लांट में ही बनाया जाएगा। इंटीग्रल कोच फैक्टरी, चेन्नई के जनरल मैनेजर यू सुब्बा राव का कहना है कि सिर्फ बीईएमएल ने ही बुलेट ट्रेन बनाने के लिए बिड जमा की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए टेंडर अगले एक सप्ताह में जारी कर दिए जाएंगे।

सुब्बा राव का कहना है कि यह एक छोटा ऑर्डर है, जिसमें सिर्फ दो ट्रेन कोच बनाए जाने हैं। इस छोटे ऑर्डर को पूरा करने के लिए कोई भी अन्य मैन्युफैक्चरर तैयार नहीं हुआ। हमारा लक्ष्य है कि इस निर्माण कार्य को ढाई साल में पूरा कर लिया जाए।

ऐसी होगी बुलेट ट्रेन

बुलेट ट्रेन में कुल 7 बोगी में 3+2 सीटिंग अरेंजमेंट होगा, जबकि एक एग्जक्यूटिव बोगी में 2+2 सीट अरेंजमेंट होगा। सूत्रों के अनुसार कुल सीटिंग कैपेसिटी 174 की होगी। यात्रियों की डिमांड के आधार पर भविष्य में बुलेट ट्रेन में 12-16 बोगी को और जोड़ा जा सकता है। बीईएमएल में सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया व अफ्रीका के एक्सपोर्ट मार्केट को देखते हुए सभी ट्रेनों को स्टैंडर्ड गेज ट्रैक के लायक बनाया जाएगा।

बुलेट ट्रेन के ट्रेन कंट्रोल मैनेजमेंट सिस्टम (TCMS) सॉफ्टवेयर और प्रपल्शन सिस्टम को मेधा अपने हैदराबाद फैसिलिटी में बनाएगा और बीईएमएल बेंगलुरू फैक्टरी में फाइनल असेंबली को अंजाम देगा।

माना जा रहा है कि एक बुलेट ट्रेन को बनाने में 200-250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में चलेंगी। इस रूट को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) बना रहा है।

अहमदाबाद-मुंबई रूट पर बुलेट ट्रेन के सफलतापूर्वक चलने के बाद दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-हैदराबाद और बेंगलुरू-चेन्नई के बीच भी बुलेट ट्रेन चलाई जाएंगी। उम्मीद की जा रही है कि 280 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार वाली पहली बुलेट ट्रेन दिसंबर 2026 तक तैयार हो जाएगी और इसका ट्रायल सूरत-बिलिमोर सेक्शन पर किया जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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