बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल के कार्डियोलॉजी/कार्डियोथेरेसिक विभाग में भर्ती बीएचयू के पूर्व प्रोफेसर एवं पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. टी. के. लाहिड़ी के साथ कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी की गई है। आरोप है कि विभाग के ही एक फैकल्टी सदस्य डॉ. अरविंद पांडे ने बेडसाइड के पास जाकर डॉ. लाहिड़ी के साथ हाथपाई की और गाली-गलौज की। इस हमले में डॉ. लाहिड़ी की आँख में चोट आई है। घटना के बाद परिजनों ने ईमेल के जरिए अस्पताल प्रशासन और पुलिस को शिकायत भेजी है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है।
26 जनवरी से बीएचयू में भर्ती हैं पद्मश्री डॉ. लाहिड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 84 वर्षीय डॉ. टी. के. लाहिड़ी खराब स्वास्थ्य के कारण 26 जनवरी 2026 से बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के कार्डियोथेरेसिक विभाग में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, रविवार सुबह लगभग 8:10 बजे डॉ. अरविंद पांडे अचानक उनके बेड के पास पहुंचे और बिना किसी उकसावे के उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि डॉक्टर ने डॉ. लाहिड़ी को थप्पड़ और घूंसे मारे तथा जोर-जोर से गाली-गलौज की। वहां मौजूद एक नर्सिंग असिस्टेंट ने बीच-बचाव कर किसी तरह हमलावर को रोका।
परिजनों ने दर्ज कराई शिकायत, मेडिकल बोर्ड गठित
घटना की खबर मिलते ही डॉ. लाहिड़ी के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और बीएचयू के वरिष्ठ अधिकारियों को ईमेल भेजकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमले के दौरान वहां कई स्टाफ सदस्य मौजूद थे जो इस पूरी घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीएचयू अस्पताल प्रशासन तुरंत हरकत में आया। अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि डॉ. टी. के. लाहिड़ी देश के जाने-माने कार्डियोथोरेसिक सर्जन हैं। बीएचयू से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक बिना कोई वेतन लिए मरीजों की नि:स्वार्थ सेवा की। उनकी इसी अतुलनीय समाजसेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मश्री' सम्मान से नवाजा था।
