ग्रेटर नोएडा

चार मूर्ति नहीं, 40 गड्ढा चौक कहें इसे, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जाम की वजह बन रहे गड्ढे

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में वैसे तो ढेरों समस्याएं हैं, लेकिन ट्रैफिक जाम की समस्या लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। ट्रैफिक जाम का एक बड़ा कारण यहां की सड़कों पर गड्ढे भी हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चारमूर्ति चौराहे के आसपास हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे हैं।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सेंट्रल नोएडा से नजदीकी के चलते इस इलाके को नोएडा एक्सटेंशन भी कहा जाता है। लेकिन यहां समस्याएं इतनी ज्यादा हैं कि यहां रहने वाले लोग इस इलाके को नोएडा-एक-टेंशन कहने लगे हैं। बिल्डरों और अथॉरिटी के धोखे की कहानी तो अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। ऊपर से ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर ट्रैफिक जाम स्थायी समस्या बन गया है। पुलिस ने गोलचक्करों बंद करके ट्रैफिक जाम पर अंकुश लगाने की कोशिश की, लेकिन यह कोशिशें नाकाम रहीं। इसके साथ ही यहां की सड़कों का भी बुरा हाल है। सड़कों पर जहां-तहां गड्ढे हो रखे हैं।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सबसे व्यस्त और फेमस चौक है चार-मूर्ति चौक। चार-मूर्ति गोल चक्कर पर ट्रैफिक का भारी दबाव है। सुबह और शाम यहां पर अक्सर जाम देखने को मिलता है। गोलचक्कर को आधा बंद किया हुआ है। लेकिन इसके बावजूद यहां लोगों को भारी ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। इसका एक कारण तो यहां सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे भी हैं।

जब आप नोएडा से सूरजपुर की ओर जाते हैं तो गौर सिटी सेंटर के सामने गोल चक्कर पर बहुत से छोटे-बड़े गड्ढे हैं, जो गाड़ियों की रफ्तार को रोक देते हैं। यह गड्ढे एक्सीडेंट का कारण भी बन सकते हैं। ऐसा नहीं है कि गड्ढे सिर्फ चार-मूर्ति गोलचक्कर पर ही हैं, बल्कि जब आप पर्थला सिग्नेचर ब्रिज से चार-मूर्ति की ओर जाते हैं तो रास्ते में ढेरों गड्ढे हैं जो हादसे को दावत दे रहे हैं।

इसके अलावा चार-मूर्ति गोलचक्कर बंद किया हुआ है, जिसके कारण गाड़ियों को हिंडन ब्रिज पार करके नोएडा की ओर आकर यू-टर्न लेना पड़ता है। बाइक सवारों ने हिंडन ब्रिज पहले डिवाइडर की कंटीली तार को हटाकर यहां पर अवैध कट बना लिया है, जिसके कारण यहां ट्रैफिक न सिर्फ स्लो होता है, बल्कि एक्सीडेंट का खतरा भी बना रहता है।

ग्रेटर नोएडा से नोएडा की ओर जाने वाले रास्ते पर भी गड्ढों का राज है। चिंताजनक बात यह है कि प्रशासन का इस ओर ध्यान ही नहीं है। स्थानीय लोग बार-बार शिकायत करते हैं, लेकिन प्रशासन की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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