Kinnaur Landslide: हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिसके कारण राज्य के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ताजा मामला जिले किन्नौर से सामने आया है, जहां के एंट्री पॉइंट चौरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भारी बारिश के बाद विशाल चट्टानें और बोल्डर गिर गए। इस बड़े भूस्खलन के कारण NH-5 पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे किन्नौर जिले का सड़क संपर्क देश से पूरी तरह कट गया है। रास्ता बंद होने की वजह से हाईवे के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं और सैकड़ों यात्री और स्थानीय लोग बीच रास्ते में फंस गए हैं।
युद्धस्तर पर बहाली कार्य जारी, लेकिन मौसम बन रहा बाधा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की राहत एवं बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। मार्ग से मलबा और भारी चट्टानें हटाने के लिए JCB और अन्य भारी मशीनरी को काम पर लगा दिया गया है। हालांकि, इलाके में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी से रुक-रुक कर गिरते पत्थरों के कारण बहाली कार्य में लगे कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की अपील: अनावश्यक यात्रा से बचें
किन्नौर में इससे पहले भी भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण NH-5 कई बार बाधित हो चुका है। लगातार बने खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। नागरिक और यात्री अनावश्यक सफर करने से बचें। केवल मौसम और सड़क की आधिकारिक स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान सुरक्षा के साथ जल्द से जल्द राजमार्ग को एक तरफ से खोलने पर केंद्रित है, ताकि फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित निकाला जा सके।
