Gurugram: गुरुग्राम से अक्सर आवारा कुत्तों के आतंक की खबरें आती रहती हैं। कु्त्तों की वजह से पैदल राह चलते लोगों का जीना दूभर हो गया है। इसका कारण कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या भी है। आवारा कुत्तों का टीकाकरण और बंध्याकरण नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में गुरुग्राम नगर निगम अपना पहला एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर तैयार कर रहा है। उम्मीद है कि इस सेंटर के बन जाने की वजह से कुत्तों की संख्या कम होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।
बन रहा है पहला एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर
नगर निगम क्षेत्र के गांव बेगमपुर खटौला में गुरुग्राम का पहला एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है। अभी बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे पूरा होने में और दो महीने लगेंगे। इस सेंटर पर कुत्तों का ऑपरेशन थिएटर, डाक्टर रूम, इलाज के लिए लाए गए कुत्तों को रखने के लिए कमरे आदि की व्यवस्था की रहेगी। निगम की ओर से यहां पर स्थायी चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी ताकि कुत्तों के टीकाकरण और बंध्याकरण का कार्य नियमित रूप से हो सके।
फिलहाल निगम की इंजीनियरिंग विंग बर्थ कंट्रोल सेंटर की बिल्डिंग का निर्माण कर रही है और इसके बाद निगम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आवारा कुत्तों की बड़ी समस्या
गुरुग्राम के कई सोसाइटियों ने नगर निगम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और निगमायुक्त को पत्र लिखकर कुत्तों का टीकाकरण करने की मांग की है। नगर निगम गुरुग्राम व मानेसर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष सिंगला ने कहा कि कुत्तों का काम देख रही एजेंसियों को शिकायतों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। बेगमपुर खटौला में दो महीने में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर तैयार हो जाएगा।
गुरुग्राम में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या की वजह से नगर निगम ने इनको पकड़कर बंध्याकरण और टीकाकरण करने का जिम्मा जीव दया और एनीमल सिपेंथी नाम की दो एजेंसियों को दे रखा है।
