Gujarat News: गुजरात में खेड़ा के नडियाद रेलवे स्टेशन पर 3.76 करोड़ रुपये की सोने की लूट का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की पूरी संपत्ति बरामद करने का दावा किया है। बरामद सामान में 3.70 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण, पांच मोबाइल फोन, नकदी और गाड़ियां शामिल हैं।
लूट 3 अक्टूबर को शाम करीब 5.30 बजे हुई। कोलकाता से सोने के आभूषण लेकर भारत चौधरी हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से नडियाद पहुंचे थे। फुटओवर ब्रिज पार करते समय चार लोगों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि एक आरोपी ने भारत को सामने से पकड़ लिया, जबकि सवन चौधरी ने, जिसे भारत अपनी पिछली कंपनी के समय से जानते थे, कथित तौर पर उनका गला पकड़ा और धमकाया। इसके बाद आरोपी उनका हरे रंग का बैग छीनकर दो कारों में फरार हो गए। बैग में तीन बॉक्स थे, जिनमें करीब 3 किलो सोना था। भारत ने पुलिस को सूचना देने से पहले अपने मोबाइल फोन से एक गाड़ी की तस्वीर ले ली थी।
CCTV और रूट मैपिंग से पुलिस ने शुरू किया पीछा
रेलवे पुलिस ने तुरंत CCTV फुटेज खंगाला और स्टेट कंट्रोल रूम को एक संदिग्ध सफेद Tata Tiago की जानकारी दी। अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की LCB टीम ने रेलवे से मिली जानकारी और टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर आरोपियों की लोकेशन और विरमगाम की ओर उनके संभावित भागने के रास्ते का पता लगाया।
पुलिस टीमों ने रणनीतिक जगहों पर नाकाबंदी की। विरमगाम में एक Maruti Suzuki Baleno को रोककर सवन को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस को पता चला कि बाकी तीन आरोपी चोरी के सोने के साथ Tiago में निलकी गांव की ओर भाग रहे हैं।
चलती कार से आधे किमी तक घसीटे गए इंस्पेक्टर
बहुचराजी की ओर पीछा करने के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर Tiago को इंस्पेक्टर SA गढ़वी की गाड़ी से टकरा दिया और रिवर्स लेकर भागने की कोशिश की। गढ़वी चलती कार की ओर दौड़े, उसका दरवाजा पकड़ लिया और लगभग 500 मीटर तक घसीटे गए। इसके बाद उन्होंने दरवाजा खोलकर स्टीयरिंग संभाल लिया और इमरजेंसी हैंडब्रेक खींच दिया। इससे पुलिसकर्मियों को आरोपियों पर काबू पाने में मदद मिली।
एक अन्य आरोपी पास के खेतों में भाग गया, लेकिन पुलिस द्वारा घेराबंदी किए जाने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। चोरी किया गया सोना Baleno की सीट कवर के नीचे से बरामद किया गया। पुलिस ने पांच मोबाइल फोन, नकदी और गाड़ियां भी बरामद किए।
पुलिस ने इस कार्रवाई में तेज सफलता का श्रेय समन्वित कार्रवाई, तकनीकी निगरानी, रूट प्लानिंग और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साहस को दिया।
