अहमदाबाद : गुजरात ATS ने अहमदाबाद निवासी हरिकेश प्रणवकुमार पटेल के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी के आधार पर दूसरा भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के मामले में कार्रवाई की है। ATS के मुताबिक, हरिकेश का मूल पासपोर्ट एक आपराधिक मामले में कोर्ट में जमा था, इसके बावजूद उसने कथित तौर पर इसकी जानकारी छिपाकर दूसरा पासपोर्ट बनवाया। ATS को सूचना मिली थी कि हरिकेश के पास दो भारतीय पासपोर्ट हैं। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम गठित कर मामले की जांच की गई। जांच के दौरान उसके पास पासपोर्ट नंबर S2528999 और C0538007 होने की जानकारी सामने आई।
ATS के मुताबिक, पासपोर्ट नंबर S2528999 ED के Power Bank App मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी कार्रवाई के दौरान कोर्ट में जमा किया गया था। ATS का आरोप है कि इसके बावजूद हरिकेश ने पुराने पासपोर्ट के जमा होने की जानकारी छिपाई और दूसरे पासपोर्ट के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
आगरा का फर्जी पता दिखाकर पासपोर्ट लेने का आरोप
जांच में ATS को कथित तौर पर पता चला कि हरिकेश ने दिल्ली और आगरा में रहने का पता दिखाने वाले फर्जी रेंट एग्रीमेंट का इस्तेमाल किया था। उसके आधार कार्ड में भी आगरा, उत्तर प्रदेश का पता दर्ज होने की बात सामने आई। ATS के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने 26 जुलाई 2024 को गाजियाबाद RPO से पासपोर्ट नंबर C0538007 हासिल किया।
ATS ने दावा किया कि दूसरे पासपोर्ट के आधार पर हरिकेश ने भूटान के रास्ते बैंकॉक, सिंगापुर और दुबई की यात्रा की और बाद में नेपाल के रास्ते भारत वापस आया। गुजरात ATS SP के. सिद्धार्थ ने बताया कि जांच में सामने आया कि हरिकेश ने दुबई में रहने वाले एक परिचित से संपर्क किया था। इसके बाद उसे दिल्ली के एक एजेंट से जोड़े जाने का दावा है।
ATS के अनुसार, इस प्रक्रिया में हरिकेश ने कथित तौर पर 25 लाख रुपये दिए थे। एजेंट के जरिए आगरा में रहने का फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार कराया गया और उसे पासपोर्ट हासिल करने के लिए सहायक दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया गया। SP के. सिद्धार्थ ने कहा कि मामले में हरिकेश की मदद करने वाले एजेंट और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ATS के मुताबिक, जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें मामले में आरोपी बनाया जाएगा।
कई कंपनियां और वित्तीय गतिविधियां भी जांच के दायरे में
ATS ने यह भी बताया कि शुरुआती जांच में हरिकेश के नाम पर कई फैक्ट्रियों और कंपनियों के रजिस्टर्ड होने की जानकारी मिली है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें कुछ कंपनियां वास्तविक रूप से काम करती हुई दिखाई दीं, जबकि कुछ के फर्जी होने की आशंका है।
ATS अब यह जांच कर रही है कि इन कंपनियों या खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर पैसों के ट्रांजेक्शन, खातों तक पहुंच या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के लिए तो नहीं किया गया।
ATS के अनुसार, हरिकेश पहले भी दो मामलों में आरोपी रह चुका है। उसके खिलाफ 2022 में नारणपुरा पुलिस स्टेशन में धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 2023 में उसके खिलाफ कथित चीटिंग का मामला दर्ज किया था। ATS के मुताबिक, वह इन मामलों में जेल भी जा चुका है।
BNS और पासपोर्ट एक्ट के तहत केस दर्ज
गुजरात ATS ने हरिकेश प्रणवकुमार पटेल के खिलाफ ATS पुलिस स्टेशन में फर्स्ट गु.र.नं. 6/2026 के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, 13 सितंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 336(2), 337, 338, 339 और 340 तथा पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 12(1)(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया। ATS ने बताया कि हरिकेश को साइंस सिटी से पकड़ा गया। मामले में आगे की जांच जारी है और दूसरे पासपोर्ट को हासिल करने में मदद करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
