अध्यात्म

कौन होगा भारत का अगला प्रधानमंत्री ! फेमस एस्ट्रोलाजर पवन सिन्हा ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

Astrologer Pawan Sinha Political Astrology Predictions: फेमस एस्ट्रोलाजर और पॉलिटिकल साइंस प्रोफेसर पवन सिन्हा ने टाइम्स नाऊ नवभारत को दिए एक इंटरव्यू में पीएम पद की दावेदारी को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है।

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कौन होगा भारत का अगला प्रधानमंत्री

Astrologer Pawan Sinha Political Astrology Predictions: राजनीति और ज्योतिष का मेल हमेशा से लोगों की दिलचस्पी का विषय रहा है। नेताओं की कुंडली, ग्रहों की स्थिति और आने वाले समय को लेकर ज्योतिषियों के दावे अक्सर चर्चा में रहते हैं। ज्योतिषी और पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर पवन सिन्हा ने टाइम्स नाऊ नवभारत के आई ओपनर को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कुंडलियों पर विस्तार से बात की।

इस बातचीत में उन्होंने मौजूदा राजनीति को 'पॉलिटिक्स ऑफ कन्फ्यूजन' बताया और कहा कि सत्ता और विपक्ष दोनों तरफ तेजी से बदलाव दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सितंबर-अक्टूबर से राजनीतिक स्तर पर बदलाव शुरू होने की बात कही और कई जगह नए चेहरों के सामने आने की संभावना जताई। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी की कुंडली से लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के राजनीतिक व्यक्तित्व तथा अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के भविष्य को लेकर भी कई चौंकाने वाले दावे किए।

'पॉलिटिक्स ऑफ कन्फ्यूजन' है आज की राजनीति

प्रो. पवन सिन्हा ने कहा कि आज की राजनीति 'पॉलिटिक्स ऑफ कन्फ्यूजन' है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में यह स्पष्ट नहीं है कि कौन किस आइडियोलॉजी पर चल रहा है और किसे फॉलो करना है। इस दौरान सत्ता और विपक्ष दोनों ही तरफ तेजी से बदलाव हो रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने राजनीतिक सलाहकारों की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नेताओं के आसपास ऐसे लोग होने चाहिए जो उनके सामने खुलकर गलत को गलत कह सकें। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में कई फैसले ऐसे स्तर पर होते हैं, जिन्हें आम आदमी सीधे तौर पर समझ नहीं पाता है। खासकर विदेश नीति से जुड़े फैसले कई बार इसी तरह से हुए हैं।

कौन होगा अगला प्रधानमंत्री!

अगले प्रधानमंत्री के नाम को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने अमित शाह का नाम लिया। उन्होंने कहा कि उस समय के हिसाब से अमित शाह की कुंडली में कुछ कॉम्बिनेशन ज्यादा मजबूत दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कुंडली में सूर्य की स्थिति काफी जबरदस्त है। वहीं, योगी आदित्यनाथ के उन्होंने कहा कि उनकी कुंडली में अभी नहीं, लेकिन निकट भविष्य में प्रधानमंत्री पद की संभावनाएं दिख रही हैं। योगी आदित्यनाथ के ऊपर भी उनके गुरु का आशीर्वाद है, वे अभी लखनऊ की राजनीति से दिल्ली में किसी विशेष मंत्री पद पर आ सकते हैं।

सितंबर-अक्टूबर से राजनीति में दिखेगा बदलाव

प्रो. सिन्हा ने अपने राजनीतिक और ज्योतिषीय आकलन से बताया कि आने वाले समय में राजनीतिक बदलाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सितंबर-अक्टूबर से राजनीतिक स्तर पर काफी परिवर्तन शुरू होते दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग अपने मौजूदा करियर को विराम देंगे और दूसरी तरफ नए चेहरे सामने आएंगे। यह बदलाव सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

कैरिस्मेटिक लीडर हैं नरेंद्र मोदी

प्रों. सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली को 'कैरिस्मेटिक लीडर' की कुंडली बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की कुंडली में कई ऐसे योग हैं जो उनकी वाणी में प्रभाव और विपरीत परिस्थितियों से मुकाबला करने की क्षमता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की कुंडली में लग्न से जुड़ा चंद्र-मंगल योग एक महत्वपूर्ण स्थिति है। यह योग व्यक्ति को जुझारू बनाने वाला माना जाता है। प्रधानमंत्री की कुंडली में बनने वाला नीचभंग राजयोग उन्हें संघर्ष से लड़कर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। इसके साथ ही पीएम मोदी कुंडली में सूर्य और केतु के शुभ परिणाम हैं। उन पर उनके गुरु और साधु-संतों का आशीर्वाद भी है, जो उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब धीरे-धीरे बदलाव आने लगा है।

क्या कहती है राहुल और प्रियंका गांधी की कुंडली

बातचीत में उन्होंने विपक्ष और गांधी परिवार के राजनीतिक भविष्य के लिए कहा कि प्रियंका गांधी में ‘स्टेबिलिटी फैक्टर’ ज्यादा दिखाई देता है, जबकि राहुल गांधी पिछले कुछ वर्षों में काफी घूमे हैं और उन्होंने बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि राहुल का जमीनी अनुभव प्रियंका से काफी ज्यादा है। राहुल गांधी कुंडली के दूसरे भाव में राहु है, जो कई बार अचानक फैसले दिला देता है। इसके अलावा वो काफी अच्छा करते-करते कुछ ऐसा बोल देते हैं, जो उनकी अच्छाई पर पानी फेर देता है।

पवन सिन्हा ने कहा कि राहुल का युवाओं से जुड़ाव को लंबे समय तक बनाए रखना अलग बात है, क्योंकि प्रधानमंत्री हर वक्त युवाओं के साथ नहीं रह सकते है। राहुल गांधी का अनुभव अब काफी बढ़ गया है और उनकी मेहनत का असर आगे दिखाई दे सकता है।

लोगों के सिग्नेचर को लेकर भी हुई चर्चा

राजनीति के बाद उन्होंने सिग्नेचर एनालिसिस भी किया। पवन सिन्हा के अनुसार किसी व्यक्ति की पर्सनैलिटी समझने के लिए उसके बोलने, व्यवहार और लिखने के तरीके को भी देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के अक्षरों और सिग्नेचर से भी उसके व्यक्तित्व को पढ़ने की एक एक्सपर्टी होती है। उन्होंने सिग्नेचर को लेकर कुछ खास पैटर्न भी बताए। उनके मुताबिक अक्षर नीचे से ऊपर की ओर बढ़ते हों और नीचे खींची गई लाइन खुद के अक्षरों को न काटे, तो इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई सिग्नेचर में ज्यादा बिंदु दिखाई देने पर व्यक्ति के ज्यादा कल्पनाशील हो सकता है, लेकिन अगर कल्पना और प्रैक्टिकल लाइफ के बीच संतुलन नहीं है तो दिक्कत हो सकती है। इस कारण सिग्नेचर में ज्यादा बिंदु न बनाएं।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषी और पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर पवन सिन्हा के विचार और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Dr Rama Solanki
डॉ रमा सोलंकीauthor

डॉ. रमा सोलंकी टीवी और डिजिटल मीडिया में 17 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाली वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण भूमिकाओं में कार्य किया है। वह प्रभावशाली स्टोरीटेलिंग और डिजिटल इनोवेशन के संयोजन के लिए जानी जाती हैं। वह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, डॉक्यूमेंट्री और ऑडियंस-सेंट्रिक कंटेंट के निर्माण में विशेष दक्षता रखती हैं। डॉ. सोलंकी शासन, जवाबदेही और जनहित से जुड़े राजनीतिक व खोजी कार्यक्रमों के निर्माण और एंकरिंग के लिए भी पहचान रखती हैं। आध्यात्मिक कंटेंट प्रोडक्शन में विशेषज्ञता रखते हुए उन्होंने लोकप्रिय टीवी और डिजिटल सीरीज का निर्माण व निर्देशन किया है, जिन्हें दर्शकों से व्यापक सराहना मिली। डिजिटल मीडिया में पीएचडी धारक डॉ. रमा सोलंकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कथाओं को आधुनिक प्रस्तुति और समकालीन संदर्भों से जोड़ने के लिए जानी जाती हैं।

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