देश और दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाकों के साथ ही ग्रेटर नोएडा में भी अवैध निर्माण का खल बदस्तूर जारी है। शातिर, भोले-भाले लोगों को फंसाकर ऐसी जमीन बेच देते हैं, जहां पर निर्माण अवैध है या जो नदियों के डूब क्षेत्र में आती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आज यानी शुक्रवार 13 फरवरी को भी ऐसे ही अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी।
प्राधिकरण की टीम ने आज ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिसरख के डूब एरिया में खसरा संख्या-135 की जमीन पर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया कर दिया। अथॉरिटी की टीम ने यहां पर लगभग 30 हजर वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करने की कार्रवाई की।
शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम के इस अभियान से अधिसूचित एरिया में अवैध निर्माण करने वालों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने परियोजना विभाग को अवैध निर्माण कर जमीन कब्जाने वाले लोगों के खिलाफ अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
'अतिक्रमण हटाओ अभियान' का नेतृत्व कर रहे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ACEO सुमित यादव ने बताया कि अधिसूचित एरिया में कहीं भी अनुमति के बिना निर्माण करना गलत है। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण की ओर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
ACEO सुमित यादव ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वह कॉलोनाइजरों के चंगुल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं। इसके साथ ही उन्होंने हिदायत दी कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर हासिल कर लें।
परियोजना विभाग के जनरल मैनेजर एके सिंह ने बताया कि बिसरख गांव के खसरा संख्या 135 की लगभग 30 हजार स्क्वायर मीटर जमीन पर कॉलोनाइजर कॉलोनी बसाने की फिराक में थे। यहां तक कि वह बाउंड्री बनाकर जमीन कब्जाने की कोशिश कर रहे थे।
परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-3 के मैनेजर रोहित गुप्ता के नेतृत्व में असिस्टेंट मैनेजर राजीव कुमार और अन्य की टीम ने दो जेसीबी, तीन डंपर के साथ ही प्राधिकरण व पुलिस बल के सहयोग से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही दोबारा अतिक्रमण करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
