ग्रेटर नोएडा

महंगाई नहीं लगा सकी ब्रेक, रियल स्टेट की बल्ले-बल्ले; यहां बिक गए 6,013 करोड़ के मकान

महंगाई के बीच नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मकान खरीदने वालों ने रियल स्टेट क्षेत्र को बड़ा फायदा पहुंचाया है। सिर्फ अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 29 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 6,013 करोड़ रुपये के मकान बिक्री हुए हैं।

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महंगाई नहीं लगा सकी ब्रेक, रियल स्टेट की बल्ले-बल्ले; यहां बिक गए 6,013 करोड़ के मकान

KEY HIGHLIGHTS
  • नोएडा-ग्रेनो में जून तिमाही में बिके 6,013 करोड़ रुपये के मकान
  • पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी अधिक पहुंचा रुपये का आंकड़ा
  • नोएडा में अप्रैल-जून में बिके सबसे ज्यादा मकान

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवासीय संपत्तियों का पंजीकरण अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 29 प्रतिशत बढ़कर 8,212 इकाई हो गया है। रियल एस्टेट परामर्श कंपनी स्क्वायर यार्ड्स ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 6,354 इकाई का था। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवासीय अचल संपत्ति गतिविधियों में जून तिमाही में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। इस दौरान पंजीकरण महानिरीक्षक (आईजीआर) के पास 8,212 आवासीय लेनदेन पंजीकृत हुए।

6,013 करोड़ रुपये के बिके मकान

कंपनी ने बयान में कहा कि इन लेन-देन का संयुक्त बिक्री मूल्य 6,013 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 59 प्रतिशत की वृद्धि है। यह सौदों की मात्रा में वृद्धि से अधिक है। स्क्वायर यार्ड्स ने कहा कि नोएडा में अप्रैल-जून की अवधि के दौरान 3,200 इकाइयों का पंजीकरण किया गया, जबकि एक साल पहले यह संख्या 2,408 थी।

ग्रेटर नोएडा में आवासीय संपत्तियों के पंजीकरण में 27 प्रतिशत की वृद्धि रही। यहां जून तिमाही में 5,012 घरों का पंजीकरण किया गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 3,946 इकाई थी।स्क्वायर यार्ड्स ने कहा कि डेवलपर्स के बीच रियल एस्टेट कंपनी निराला वर्ल्ड अप्रैल-जून तिमाही में लेनदेन की संख्या और बिक्री मूल्य, दोनों में सबसे ऊपर रही। टेक जोन -4 (ग्रेटर नोएडा) में इसकी परियोजना निराला एस्टेट 620 इकाइयों के पंजीकरण के साथ सबसे आगे है। इसका बिक्री मूल्य 565 करोड़ रुपये है।

(इनपुट-आईएनएस)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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