नोएडा, ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) और नोएडा एक्सटेंशन (Noida Extension) के लोगों का दिल्ली (Delhi), गाजियाबाद (Ghaziabad) और यहां तक कि मेरठ (Meerut) जाना भी आसान हो जाएगा। विशेषतौर पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Greater Noida West) यानी नोएडा एक्सटेंशन लोग लंबे समय से पब्लिक ट्रांसपोर्ट (Public Transport) की मांग कर रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी मांग मेट्रो लाइन की है। यहां फ्लैट लेने वाले लोगों को साल 2009-10 से ही मेट्रो के सपने दिखाकर फ्लैट बेचे गए हैं। ऐसे में गौतमबुद्ध नगर जिले (Gautambudh Nagar District) के लोगों के लिए राहत की खबर है। खबर ये है कि गाजियाबाद को ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) से जोड़ने वाली नमो भारत मेट्रो (Namo Bharat Metro) लाइन आकार लेने लगी है।
इस प्रोजेक्ट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इससे दिल्ली-NCR और जेवर में बन रहे नए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सफर आसान हो जाए। यह प्रोजेक्ट पूरे दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी को बिल्कुल नया रूप देगा। कहा जा रहा है कि नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने एक भारी-भरकम पॉपुलेशन सर्वे कर रहा है, ताकि भविष्य में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बढ़ती डिमांड को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
इस सर्वे में जो बातें सामने आएंगी, उससे क्षेत्र में ट्रांसपोर्टेशन की बढ़ती जरूरत को बेहतर तरीके से डिजाइन करने में मदद मिलेगी। इससे मेट्रो सिस्टम को उपयोगी और भविष्यपरक बनाने में मदद मिलेगी।
नमो भारत मेट्रो रूट की लंबाई
कहा जा रहा है कि क्षेत्र में नमो भारत मेट्रो रूट की कुल लंबाई 72.4 किमी होगी। इतनी लंबी लाइन पर कुल 22 स्टेशन बनाए जाएंगे। गाजियाबाद में सिद्धार्थ विहार से शुरू होकर यह मेट्रो लाइन ग्रेटर नोएडा वेस्ट और अल्फा वन से होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगी। माना जा रहा है कि 2031 तक यह प्रोजेक्ट बनकर तैयार हो जाएगा। हालांकि, Timesnowhindi में हम इस टाइमलाइन की पुष्टि नहीं करते।इन इलाकों को होगा फायदा
कहा जा रहा है कि इस बहुत ही महत्वपूर्ण मेट्रो लाइन के बन जाने से नोएडा सेक्टर 71, ग्रेटर नोएडा वेस्ट यानी नोएडा एक्सटेंशन, टेक जोन-4 और परी चौक इलाकों को फायदा होगा। यही नहीं ये क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर के अन्य क्षेत्रों से साथ जुड़ने के साथ ही जेवर एयरपोर्ट के भी करीब आ जाएंगे। दिल्ली-एनसीआर और जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे तक ट्रांसफोर्टेशन को सुधारने के लिए NCRTC लगातार काम कर रहा है।ये भी पढ़ें - Noida शहर कब बना और इसका नाम कैसे पड़ा, जानें
समय की होगी बचत
इस मेट्रो प्रोजेक्ट के बन जाने से यात्रियों को न सिर्फ कंफर्टेबल यात्रा का लुत्फ मिलेगा, बल्कि सड़क मार्ग से जाने की बजाय उनका काफी समय भी बचेगा। सबसे बड़ी बात यह कि उन्हें ट्रैफिक जाम की समस्या से नहीं जूझना होगा। इस रूट को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि भविष्य में क्षेत्र में बढ़ने वाली जनसंख्या के दबाव को झेल सके। जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए भी यह मेट्रो लाइन बिना किसी झंझट के हवाई अड्डे तक पहुंचने का सबसे सुगम माध्यम होगा।यह मेट्रो लाइन नोएडा और ग्रेटर नोएडा के तमाम कॉमर्शियल इलाकों के साथ ही टेक जोन्स को भी जोड़ेगा। शहर की ट्रांसपोर्टेशन की जरूरतों को यह मेट्रो पूरा करेगी।
ये मेट्रो लाइन भी है प्रस्तावित
केंद्र सरकार के बजट में फंड की घोषणा नहीं होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को निराश होना पड़ा। क्योंकि सेक्टर 51 तक मौजूद एक्वा लाइन मेट्रो के ग्रेटर नोएडा तक पहुंचने की उम्मीदें धूमिल हो गई। हालांकि, स्थानीय लोग अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार इन मेट्रो लाइनों के लिए फंड जारी करेगी।
एक्वा लाइन मेट्रो
- नोएडा सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट
- नोएडा सेक्टर 142 से बोटैनिकल गार्डन
- परी चौक से जेवर
- जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली
