सदर बाजार, पुरानी दिल्ली का बड़ा बाजार है। (दिल्ली का पहला मॉल) यह पुराने जमाने का सुपर मार्केट है और यहां लगभग सभी चीजें मिल जाती हैं। यहां खरीददारों और व्यापारियों की भीड़ हमेशा बनी रहती है। यहां की भीड़भाड़ में शॉपिंग का अलग ही अनुभव है।
अगर आपको सामान खरीदने के साथ ही मोल-भाव यानी बार्गेनिंग का भी लुत्फ आता है तो सरोजिनी नगर बाजार आपके लिए ही है। यहां पर एक से बढ़कर एक ट्रेंडी और सस्ते कपड़े मिल जाते हैं। खासतौर पर वीकेंड में यहां भारी भीड़ होती है।
हौज खास विलेज भले ही गांव कहलाता हो, लेकिन इसमें इतिहास और आधुनिकता की झलक है। यहां पर कई शानदार कैफे और आर्ट गैलरियां हैं। युवाओं के बीच हैंगआउट के लिए यह खासा मशहूर है। यह जितना मशहूर है, उतना ही भीड़भाड़ वाला इलाका भी है।
यह दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में संभवत: पहले नंबर पर आए। यहां की पतली-पतली गलियां और हर तरफ से आते-जाते लोग कपड़ों, ज्वैलरी की शॉपिंग करते हुए मिलते हैं। इसके अलावा यहां जगह-जगह खाने-पीने की दुकानें और स्ट्रीट फूड के स्टॉलों पर भी काफी भीड़ होती है।
हैंडीक्राफ्ट, आर्ट और देश भर का शानदार भोजन... इन सभी का लुत्फ एक जगह लेना हो तो दिल्ली हाट से बेहतर जगह नहीं हो सकती। यहां पर देशभर की संस्कृति के भी दर्शन होते हैं, लेकिन यहां पर अच्छी-खासी भीड़ होती है।
कनॉट प्लेस को दिल्ली का दिल भी कहा जाता है। यहां तमाम बड़े-बड़े दफ्तर होने के साथ ही पालिका बाजार और जनपथ मार्केट जैसे बाजारों के अलावा खाने-पीने के भी कई ऑप्शन हैं। यहां आपको अक्सर भीड़भाड़ मिल जाएगी।
दिल्ली में मौजूद इस सबसे बड़ी मस्जिद में र रोज हजारों लोग आते हैं। जामा मस्जिद का धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही इसके आर्किटेक्चर को देखने भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। यही कारण है कि यहां हमेशा भीड़ देखने को मिलती है।