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Gorakhpur-Shamli Expressway: हरियाणा के पास आएगा बंगाल, बनने वाला है UP का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे

Gorakhpur Shamli Expressway Route Map: हरियाणा से सिलिगुड़ी तक का सफर आसान बनाने के लिए एनएचआई (NHAI) ने एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्‍ड एक्‍सप्रेसवे बनाने का प्लान बनाया है। फिलहाल,पहले फेज में 700 किलोमीटर का गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे तैयार किया जाएगा, जो भविष्य में हरियाणा, पंजाब, यूपी के साथ बिहार और पश्चिम बंगाल के लोगों को फायदा पहुंचाएगा। आइये जानते हैं ये एक्सप्रेसवे कहां-कहां से गुजरेगा और कब तक याताायात के लिए खोला जाएगा?

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गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Gorakhpur Shamli Expressway Route Map : देश में बड़ी संख्या में बेहतर सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। भारत माला परियोजना (Bharat Mala Project) के तहत विभिन्न राज्यों को आपस में जोड़ने की कवायत चल रही है। इनमें से कई प्रोजेक्ट जल्द ही लोगों को समर्पित कर दिए जाएंगे तो कईयों के लिए अभी लंबा इंतजार भी करना होगा। इसी कड़ी में यूपी के शहरों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए गोरखपुर से शामली तक ग्रीनफील्‍ड एक्‍सप्रेसवे (Greenfield Expressway)का निर्माण होने जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 700 किलोमीटर होगी, जो यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे कहलाएगा। हालांकि, अभी निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) यूपी का सबसे हाईस्पीड सड़क मार्ग है, जो प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj Mahakumbh) से पहले जनता को समर्पित किया जाएगा। इधर, गोरखपुर-शामली एक्‍सप्रेसवे के निर्माण के बाद हरियाणा और पंजाब की दूरी बहुत कम हो जाएगी। फिलहाल, एक्‍सप्रेसवे निर्माण को लेकर डीपीआर तैयार है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार ये एक्सेस कंट्रोल (Access Control) सड़क मार्ग प्रदेश के 22 जिलों को कवर करेगा। तो चलिए आज हम आपको इस मार्ग की खूबियों के साथ भविष्य में इसके विस्तार होने तक की सारी डिटेल्स साझा करते हैं।

एक्सप्रेसवे

एक्सप्रेसवे

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना की तैयारियां तेजी के साथ प्रगति पर हैं। सड़कों का जाल बिछाने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजना के शुभारंभ पर इस एक्प्रेसवे के निर्माण का ऐलान पिछले साल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) ने की थी। इस प्रस्तावित सड़क मार्ग से प्रदेश की सरकार और 22 जिलों के किसानों की उम्मीदें को चार चांद लगने वाले हैं।

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे रूट मैप (Gorakhpur-Shamli Expressway Route Map)

  • गोरखपुर (Gorakhpur)
  • संतकबीरनगर (Sant Kabir Nagar)
  • बाराबंकी (Barabanki)
  • गोंडा (Gonda)
  • बस्ती (Basti)
  • बहराइच (Bahraich)
  • लखनऊ (Lucknow)
  • अयोध्या (Ayodhya)
  • सीतापुर (Sitapur)
  • शाहजहांपुर (Shahjahanpur)
  • हरदोई (Hardoi)
  • बदायूं (Badaun)
  • बरेली (Bareilly)
  • रामपुर (Rampur)
  • मुरादाबाद (Moradabad)
  • संभल (Sambhal)
  • अमरोहा (Amroha)
  • बिजनौर (Bijnor)
  • मेरठ (Meerut)
  • मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar)
  • सहारनपुर (Saharanpur)
  • शामली (Shamli)
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एक्सप्रेसवे

एक्सप्रेसवे

शामली-गोरखपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (Shamli-Gorakhpur Economic Corridor) यूपी का तीसरा सबसे बड़ा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे होगा। उत्तर प्रदेश के 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर आगे बढ़ेगा। खास बात है कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे पंजाब नार्थ ईस्ट कॉरिडोर का एक हिस्सा है। इस एक्सप्रेसवे से पूरे इलाके में रोड कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे लागत ( Gorakhpur-Shamli Expressway Cost) साल 2023 में लखनऊ में केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया था कि वर्ष 2024 तक यूपी को 5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। इसमें 25,000 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Green Field Expressway) हाईवे बनाया जा रहा है। वहीं, गोरखपुर से शामली तक 35,000 करोड़ रुपये की लागत (Green Field Expressway Project Cost) से एक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की भी योजना बनाई गई है।

जानकारी विवरण
एक्सप्रेसवे का नामगोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे
परियोजना की लंबाई700 किलोमीटर
परियोजना की लागत35000 करोड़
लेन6
शुरुआती बिंदुगोरखपुर
आखिरी बिंदुगोगवान जलालपुर (शामली)
निर्माण कंपनीएनएचआई (NHAI)

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे से क्या होगा लाभ (Benefit of Gorakhpur-Shamli Expressway)

एक्सप्रेसवे पर हवाई पट्टी

एक्सप्रेसवे पर हवाई पट्टी

  • गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को इस तरह से बनाया जा रहा है, जिससे पूर्व से पश्चिम के शहर आसानी से कनेक्ट हो सकें। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश और इधर, हरियाणा, पंजाब और उधर बिहार और पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी जुड़ेगा।
  • गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। फिलहाल इन दोनों शहरों के बीच की यात्रा पूरी करने में 15 घंटे का समय लगता है, लेकिन इसके निर्माण से यात्रा का समय घटकर महज 8 घंटे ही रह जाएगा।
  • गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को आपातकाली सड़क मार्ग के रूप में विकसित कर इसमें हवाई पट्टी (Airstrip) का निर्माण किया जाएगा। खासकर, इसका प्रयोग चीन (China) के साथ चुनौतियों और तमाम मुद्दों से निपटने के लिए किया जा सकता है। इधर, एक नया ग्रीनफील्ड इकनॉमिक कॉरिडोर नेपाल के रास्ते चीन को जोड़ेगा।
  • गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे से बंगाल से लेकर यूपी, हरियाणा और पंजाब तक व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ गोरखपुर से लखनऊ और दिल्ली तक आयात-निर्यात में आसानी होगी। इस एक्सप्रेसवे के किनारे ग्रीन कॉरिडोर बनाने का प्लान है, जिसके तहत सड़क मार्ग के किनारे हजारों की संख्या में पेड़ और झाड़ियां गलाई जाएंगी, ताकि पर्यावरण (Environment) के बीच संतुलन बैठ सके।
  • गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के निर्माण और सड़क मार्ग के आसपास औद्योगिक गलियारे विकसित होने हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था (Economy) के साथ कृषि आधारित (Agriculture Based) और औद्योगिक परियोजनाएं (Industrial Projects) विकसित हो सकेंगी, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार (Employment) के अवसर प्राप्त होंगे।

इन कई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा गोरखपुर-शामली एक्‍सप्रेसवेपश्चिमी यूपी के शामली में बुटराडा क्रास जंक्शन में यह एक्सप्रेसवे दिल्ली देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Delhi Dehradun Greenfield Expressway) को जोड़ेगा। शामली से हरियाणा के अंबाला तक ग्रीन फील्ड इकॉनामिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जारी है। वहीं, गोरखपुर को सिलीगुड़ी से भी जोड़ने की तैयारी है। ये सभी एक्सप्रेसवे गोगवान जलालपुर (शामली) में मिलेंगे। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी और पंजाब जाने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत मिलेगी। इससे कम समय में लंबी दूरी तय की जा सकेगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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