गाजियाबाद

गाजियाबाद में 9वीं मंजिल से MBA स्टूडेंट ने लगाई छलांग, खुदकुशी की वजह आ गई सामने

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एमबीए के छात्र ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, मृत छात्र की पहचान हर्षित त्यागी (25) के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर नशे की लत और अवसाद से जूझ रहा था।

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(सांकेतिक फोटो)

गाजियाबाद : जिले में एमबीए के एक छात्र ने मंगलवार को नौवीं मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से कथित तौर पर छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि घटना इंदिरापुरम इलाके की ‘एंजल जुपिटर सोसाइटी’ में हुई। पुलिस के अनुसार, मृत छात्र की पहचान हर्षित त्यागी (25) के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर नशे की लत और अवसाद से जूझ रहा था।

बहाना बनाकर मंजिल से कूदा

पुलिस ने बताया कि हर्षित बाथरूम जाने के बहाने अपने कमरे से निकला लेकिन बालकनी में जाकर उसने छलांग लगा दी। पुलिस के मुताबिक, हर्षित की मां पूनम त्यागी और चचेरे भाई हिमांशु वत्स उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

वहीं एक अन्य घटना में दिल्ली के बदरपुर का रहने वाला जयदीप सिंह (18) मंगलवार को मुरादनगर में गंग नहर में नहाते समय डूब गया। पुलिस के मुताबिक, जयदीप के बड़े भाई शिव कुमार उसके साथ नहर में नहाने के लिए गाजियाबाद गए थे। पुलिस ने बताया कि जयदीप गहरे पानी में चला गया और बह गया। पुलिस के मुताबिक, निजी गोताखोरों के प्रयासों के बावजूद जयदीप को नहीं ढूंढा जा सका।

अधिकारियों ने बताया कि सहायता के लिए राष्ट्रीय आपका मोचन बल (एनडीआरएफ) और बाढ़ बचाव दल से संपर्क किया गया है, लेकिन शाम तक जयदीप नहीं मिल पाया था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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