गाजियाबाद

यूपी में भी प्रदूषण का साया, कई शहरों का AQI रेड जोन में; हवा हुई दम घोंटू

दिल्ली के साथ ही यूपी में भी कुछ शहर ऐसे हैं, जहां प्रदूषण के साए में लोग सांस ले रहे हैं। यहां एक्यूआई 300 के पार बना हुआ है। सुबह आसमान में धुंध की मोटी परत देखने को मिल रही है। जिससे विजिबिलिटी भी प्रभावित हो रही है। आइए जानते हैं कि यूपी के किन शहरों में प्रदूषण बढ़ा हुआ है।

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सांकेतिक फोटो (istock)

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दिवाली के बाद से दिल्ली लगातार प्रदूषण की चपेट में है। बीते कई दिनों से राजधानी की हवा बेहद खराब स्तर पर बनी हुई है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के कुछ शहर भी जहरीली हवा की गिरफ्त में आ गए हैं। सुबह की शुरुआत स्मॉग के साए में हो रही है। मेरठ-गाजियाबाद जैसे शहरों में एक्यूआई 400 के करीब पहुंच गया है। आइए जानते हैं, यूपी के कौन-कौन से शहरों में हवा दम घोंटू हो गई है।

यूपी के किन शहरों में हवा जहरीली

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार आज दोपहर 1 बजे मुजफ्फरनगर का AQI 339, ग्रेटर नोएडा में 354, नोएडा में 379, मेरठ में 372, गाजियाबाद में 362, बागपत में 312, हापुड़ में 355 और बुलंदशहर में 323 दर्ज किया गया। 300 के पार एक्यूआई को बेहद खराब की श्रेणी में माना जाता है। वहीं दिल्ली में 383 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

प्रदूषण बढ़ने की क्या है वजह

आईएमडी के अनुसार प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति गिरते तापमान से जुड़ी है, जिसकी वजह से हवा भारी हो जाती है और हवा की गति भी कम हो जाती है। जिस कारण प्रदूषक सतह के पास जमे रहते हैं। इसी कारण कोहरे और धुंध का मिश्रण घना बना रहता है। आईएमडी के अनुसार, निर्माण गतिविधियां और वाहनों से निकलने वाला धुआं भी वायु प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

  • 0 - 50 के बीच AQI - अच्छा
  • 51 - 100 के बीच AQI - संतोषजनक
  • 101 - 200 के बीच AQI - मध्यम
  • 201 - 300 के बीच AQI - खराब
  • 301 - 400 के बीच AQI - बहुत खराब
  • 401 - 500 के बीच AQI - गंभीर
Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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