Ghaziabad News: गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र में रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी योगेश कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि योगेश कुमार की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके ही दो बेटों ने सुपारी देकर कराई थी। पुलिस के मुताबिक मृतक के बेटे नितेश और गुड्डू ने 5 लाख रुपये में अपने पिता की हत्या की साजिश रची थी।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि एयरफोर्स से रिटायरमेंट के बाद योगेश कुमार को मिले पैसों को वह महिला मित्रों पर खर्च कर रहे थे और परिवार से अलग रहना चाहते थे। वह अपनी पत्नी और दोनों बेटों पर मकान खाली करने का दबाव बना रहे थे, जिससे घर में लगातार विवाद हो रहा था। इसी रंजिश के चलते दोनों बेटों ने अपने पिता को रास्ते से हटाने का फैसला किया। हत्या की सुपारी योगेश कुमार के पड़ोसी अरविंद कुमार को दी गई। अरविंद ने इस साजिश में अपने बहनोई नवीन को भी शामिल किया, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है और फिलहाल कौशांबी जिले में तैनात है।
हाईवे पर रोककर मारी थी गोली
पुलिस के अनुसार 26 दिसंबर को अरविंद और कांस्टेबल नवीन ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के पास योगेश कुमार को रोका। इसके बाद दोनों आरोपियों ने एक-एक गोली मारकर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ऐसी जगह गए जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, वहां कपड़े बदले और फरार हो गए। इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्य आरोपी अरविंद हत्या के बाद योगेश कुमार के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ और खुद को सामान्य दिखाता रहा, ताकि किसी को शक न हो।
2008 के सामूहिक हत्याकांड से भी जुड़ा है नाम
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अरविंद का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक है। साल 2008 में, जब अरविंद मात्र 16 साल का था, तब उसने अपने पिता के साथ मिलकर बुलंदशहर के गांव बराली में अपने चाचा समेत एक ही परिवार के 7 लोगों की हत्या की थी। उस मामले में भी 5 लाख रुपये की सुपारी ली गई थी। गाजियाबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि यूपी पुलिस का कांस्टेबल नवीन और मृतक के दोनों बेटे नितेश और गुड्डू फिलहाल फरार हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
