Rohit Sharma: बीसीसीआई के सूत्रों से खबर आ रही है कि 19 जुलाई को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे रोहित का आखिरी मैच हो सकता है। चयन समिति 2027 वर्ल्ड कप को देखते हुए यशस्वी जायसवाल को तैयार करना चाहती है। अगर ऐसा होता है तो भारत के एक और शानदार बल्लेबाज और सुपरहिट कप्तान के करियर का 'द एंड' हो जाएगा। रोहित के रिटायरमेंट की खबरों के बीच हम आपको बताते हैं कि कैसे महेंद्र सिंह धोनी के एक फैसले ने रोहित को 19 साल का शानदार करियर दिया। इस कारण दुनिया उन्हें ‘हिटमैन’ के नाम से जानती है।
धोनी की वजह से 'हिटमैन' बने रोहित
यह धोनी का ही भरोसा था जिसने एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आज भारतीय क्रिकेट का दिग्गज बना दिया। भारतीय क्रिकेट के ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा का करियर दो हिस्सों में बंटा हुआ है- एक 2013 से पहले का और दूसरा 2013 के बाद का। 2007 में डेब्यू करने वाले रोहित शुरुआती छह साल तक टीम में अंदर-बाहर होते रहे। हालांकि, उनमें प्रतिभा तो थी लेकिन निरंतरता नहीं। फिर आया 2013 और एमएस धोनी का एक फैसला, जिसने रोहित की किस्मत और करियर दोनों बदल दिए।

रोहित शर्मा (फोटो साभार- ICC)
धोनी ने सौंपी ओपनिंग की जिम्मेदारी
धोनी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2013 से पहले रोहित को वनडे में ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी। उनका यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। रोहित ने खुद 2017 में पीटीआई को दिए इंटरव्यू में इसका जिक्र किया था। उन्होंने कहा, “वनडे में ओपनिंग का फैसला मेरे करियर का टर्निंग पॉइंट था और यह फैसला एमएस धोनी ने लिया। इसके बाद मैं बेहतर बल्लेबाज बना। मुझे अपना खेल समझने और हालात के हिसाब से खेलने में मदद मिली।”
धोनी ने रोहित से कहा था, “मैं चाहता हूं तुम ओपन करो। मुझे भरोसा है तुम अच्छा करोगे। तुम कट और पुल दोनों शॉट अच्छे खेलते हो, इसलिए ओपनर के तौर पर सफल होने के सारे गुण तुममें हैं। असफलता से डरो मत और आलोचना से परेशान मत हो।” धोनी की दूरदर्शिता काम आई। चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में रोहित ने 177 रन बनाए और भारत ने खिताब जीता। इसके बाद 2017 चैंपियंस ट्रॉफी में रोहित शर्मा 304 रन के साथ दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।

रोहित शर्मा (फोटो साभार- BCCI)
ओपनर बनने के बाद लगाए तीन दोहरे शतक
ओपनर बनने के बाद रोहित ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। तीन दोहरे शतक, सबसे तेज 264 रन की पारी, और वनडे में 10000+ रन सब इसी बदलाव की देन है। 2019 में टेस्ट में भी ओपनिंग मिलने के बाद वह टेस्ट में नियमित हुए और 2022 में तीनों फॉर्मेट के कप्तान बने। उनकी कप्तानी में भारत ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती।
