मुंबई : महाराष्ट्र के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने किसान हितैषी नीतियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कर्जमुक्ति का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान इस फैसले को किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला 'मास्टरस्ट्रोक' बताया गया। सरकार ने न केवल कृषि पंपों के लिए दिन के समय मुफ्त बिजली का ऐलान किया है, बल्कि 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिलों को माफ कर किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह से बाहर निकालने का मार्ग प्रशस्त किया है। किसानों के इस सम्मान समारोह में सरकार के प्रति अटूट विश्वास और संतोष का माहौल देखने को मिला।
इस महत्वपूर्ण पहल के लिए राज्यभर के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, देवाभाऊ के जयघोष से सभागार गूंज उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि किसानों का हित उनके लिए राजनीति का विषय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है।
कर्ज के बोझ से मुक्ति और बिजली बिल माफ
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि 7.5 अश्वशक्ति (HP) तक के कृषि पंपों को अब दिन के समय निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, इन पंपों पर लंबित 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिलों को पूरी तरह से माफ करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को पुराने कर्ज और बकाया के बोझ से मुक्त करना है, ताकि वे नए उत्साह के साथ कृषि के क्षेत्र में नया इतिहास लिख सकें।
किसानों के विश्वास का सबसे बड़ा आधार
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि फडणवीस केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए ठोस निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि जलयुक्त शिवार अभियान, ग्रामीण सड़कों का निर्माण और खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग जैसी योजनाओं ने राज्य के किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कर्जमुक्ति का निर्णय किसी चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि किसानों को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी आंदोलन की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए, क्योंकि यह किसानों की अपनी सरकार है। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने भी सरकार के इन फैसलों पर संतोष जताते हुए अपना पूरा समर्थन दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि फडणवीस की किसान-हितैषी नीतियों का लाभ अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।
