उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी शुक्रवार 17 जुलाई को शामली में एक जनसंभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने शामली में 581 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले किए। उन्होंने दोनों पार्टियों को जिन्ना का उपासक बताया और कैराना से पलायन की वजह भी करार दिया। यही नहीं उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आवाज उठाने पर सपा को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज आस्था की वकालत कर रहे हैं, वह 2017 से पहले जय श्रीराम बोलने पर लाठी मारते थे, गोली चलाते थे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोग अन्नदाता किसानों के उपासक हैं। आज उसी माध्यम से कार्य डबल इंजन की सरकार ने करके दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये जो जिन्ना के अनुयायी हैं, इन्हें जब भी मौका मिलेगा तब ये आपको बांटने का कार्य करेंगे। जाति, क्षेत्र के नाम पर बाटेंगे और अराजकता फैलाएंगे। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सपा सरकार के साथ ही कांग्रेस पर भी डेमोग्राफी बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इनके कारण ही कांधला और कैराना से पलायन हो रहा था।
चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये लोग कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे। कृष्म जन्माष्टमी के आयोजन को रोकते थे। रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देते थे। धार्मिक स्थलों की संपत्ति पर कब्जा करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा, आज मैं कह सकता हूं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए, यहां के किसानों, युवाओं के लिए चौधरी चरण सिंह जी ने जो सपना देखा था, उस सपने को आज डबल इंजन की सरकार साकार कर रही है।
सपा-बसपा सरकार में चीनी मिलें बंद पड़ी थीं
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साल 2007 से 2017 तक कुल 29 चीनी मिलें सपा और बसपा की सरकारों के दौरान बंद हुईं। जबकि 21 चीनी मिल को उन्होंने औने-पौने दाम पर बेच दिया। उन्होंने कहा, आज उत्तर प्रदेश में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। आज उत्तर प्रदेश चीनी उत्पादन में नम्बर एक, गन्ना उत्पादन में नम्बर एक, एथेनॉल उत्पादन में नम्बर एक का राज्य बनकर अपने अन्नदाता किसानों के समृद्धि का कारक बना हुआ है।
पहले यहां की डेमोग्राफी बदलने की साजिशें होती थीं
मुख्यमंत्री ने कहा, शामली आज से दस साल पहले लोगों के लिए कौतूहल का विषय था, लोग ढूंढते थे कि शामली जिला कहां है,जो दहशत और भय का प्रतीक बना हुआ था। पलायन होता था,सरेआम गुंडागर्दी होती थी,कोई सुरक्षित नही था। शरारत के तहत यहां की डेमोग्राफी को बदलने की साजिशें हो रही थीं।
पूर्व की सरकारों में कोई सुरक्षित नहीं था
सीएम योगी ने कहा, पिछली सरकारों के दौरान यूपी में विकास कार्य ठप्प था,नौजवान हताश निराश था,अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर था,बहन-बेटियां बाहर निकलने में डरती थीं, उद्योग धंधे चौपट हो गए थे,आवागमन मार्ग पूरी तरह गड्ढों में बदल चुके थे।
उन्होंने कहा, आज मुझे कैराना, शामली को देखकर अंतःकरण से खुशी होती है कि, जैसे प्रयागराज त्रिवेणी के लिए जाना जाता है, ऐसे ही शामली जिला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे,शामली-अंबाला एक्सप्रेस वे और शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस वे का त्रिवेणी संगम बन चुका है।
