शहर

'हाथ में कोयता, चेहरे पर मास्क... 'गौर्या कौन है, सुर्या कौन है?' चिल्लाते हुए बदमाशों ने मचाया तांडव, पुणे में CCTV में कैद वारदात

महाराष्ट्र के पुणे में तीन युवकों ने देर रात हाथ में धारदार हथियार लेकर जमकर तांडव मचाया और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। यह पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है।

पुणे : केशवनगर, मुंढवा इलाके में तीन अज्ञात युवकों द्वारा वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने का एक CCTV फुटेज सामने आया है। पुणे के केशवनगर इलाके में 17 जुलाई की सुबह करीब 3:30 बजे यह पूरी घटना हुई, जिससे स्थानीय नागरिकों में दहशत का माहौल बन गया। शहर में लगातार वाहन तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच अब एक और मामला सामने आया है। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

पुरानी रंजिश में तोड़फोड़ की आशंका

इस घटना में एक चार पहिया वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं अन्य वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है। मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश के चलते अंजाम दिए जाने की आशंका है। पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

किसे बुला रहे थे आरोपी

17 जुलाई की तड़के करीब 3 बजे एक दोपहिया वाहन पर सवार तीन युवक चेहरे पर मास्क लगाकर "गौर्या कौन है? सुऱ्या कौन है?" चिल्लाते हुए केशवनगर के रिहायशी इलाके में पहुंचे और एक बंगले के बाहर पार्क की गई चार पहिया गाड़ी समेत अन्य वाहनों पर कोयते से हमला कर दिया।

सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

सामने आये सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि एक युवक स्कूटी पर ही सवार दिखाई दे रहा है, जबकि एक के हाथ में तलवार नुमा को धारदार हथियार दिखाई दे रहा है, जो अपशब्द का उपयोग करते हुए गाड़ियों पर हमला कर रहा है। करीब एक से दो मिनट में ही वे वहां निकल जाते हैं, वे पूरे रास्ते में वाहनों को नुकसान पहुंचाते दिख रहे हैं। हालांकि, यह पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article