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सोने से पहले रील्स देखने की आदत पड़ सकती है भारी, जानें कैसे बर्बाद हो रही है आपकी नींद

Reels and Sleep: सोने से पहले रील्स देखने की आदत आपकी नींद कैसे बिगाड़ रही है इस बात को जानना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है। इस आर्टिकल में इसके पीछे की असली वजह बताई गई है।

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सोने से पहले रील्स देखने की आदत पड़ सकती है भारी (फोटो: canva)

Reels and Sleep: सोशल मीडिया के दौर में मोबाइल पर रील्स देखना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। शायद आपके साथ भी ऐसा हुआ हो कि आपने सिर्फ 5 मिनट के लिए इंस्टाग्राम या फिर फेसबुक खोला हो लेकिन देखते ही देखते 2 या 3 घंटा कब निकल गए इसका पता ही नहीं चला। ये आदत बेहद ही खतरनाक है और इसका सबसे ज्यादा नुकसान तब होता है जब सोने से ठीक पहले बिस्तर पर लेटकर आप रील्स देखने लगते हैं। रील्स की लत शुरु में सामान्य लग सकती है लेकिन, यह धीरे-धीरे आपकी नींद, मानसिक स्वास्थ्य और अगले दिन की ऊर्जा पर बुरा असर डालती है इस बात का आपको पता होना चाहिए। अगर आपको भी देर रात तक मोबाइल पर रील्स देखने की आदत लग चुकी है तो यह जानना बेहद जरूरी है कि यह आपकी नींद में कैसे बाधा बन रही हैं।

दिमाग लंबे समय तक एक्टिव बना रहता है

रील्स में हर कुछ सेकंड में नया वीडियो सामने आ जाता है जिससे लोग चाहकर भी नया वीडियो देखने पर मजबूर हो जाते हैं। कभी कॉमेडी, कभी फिल्म की कोई क्लिप तो कभी इमोशनल वीडियो। लगातार बदलता कंटेंट दिमाग को लगातार नई जानकारी देता रहता है। ऐसे में आपका ब्रेन आराम करने की बजाय ज्यादा एक्टिव हो जाता है। रील्स देखते वक्त भले ही शरीर थका हुआ हो लेकिन, फिर भी लगातार रील्स चलाने की वजह से नींद आने में देर लग सकती है। ऐसे में मोबाइल बंद करने के बाद भी काफी देर तक नींद नहीं आती।

हार्मोन को प्रभावित करती है

ये बात बेहद कम लोगों को पता है कि मोबाइल की ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है। यही हार्मोन शरीर को संकेत देता है कि अब सोने का समय हो गया है। जब आप बिस्तर में लेटकर देर रात तक रील्स देखते रहते हैं, तो शरीर को ऐसा लगता है कि अभी दिन है। इससे नींद आने में देरी होती है और आपकी पूरी स्लीप साइकिल बिगड़ जाती है।

समय का नहीं चलता पता

'बस एक और रील फिर सोने चला जाऊंगा' वाली आदत समय का पता नहीं चलने देती है। आपको ये समझना बेहद जरूरी है कि रील्स का एल्गोरिदम इस तरह बनाया गया है कि एक वीडियो खत्म होते ही दूसरा अपने आप चलने लगता है। ऐसे में धीरे-धीरे कई मिनट घंटों में बदल जाते हैं और आप इसके जाल में फंस जाते हैं। इस आदत को कई लोग डूम स्क्रॉलिंग भी कहते हैं।

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ऊर्जा के स्तर में आती है गिरावट

पूरे दिन थकान, काम में मन न लगना, पढ़ाई में ध्यान न लगना और बार-बार चिड़चिड़ापन महसूस होना ये कुछ समस्याएं हैं जो नींद पूरी न होने से लोगों में आती हैं। रात में पर्याप्त और अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है। अगर आप ऐसा नहीं करते तो इसका असर अगले दिन पर साफ दिखाई देता है। रील्स की आदत नींद की अवधि के साथ उसकी गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है।

अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आसान आदतें

कुछ छोटी-छोटी आदतें बड़ा फर्क ला सकती हैं। अगर आप अपनी नींद को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो सोने से कम से कम आधा घंटा पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद करें। रात में मोबाइल को साइलेंट पर रख सकते हैं। बिस्तर पर जाने के बाद रील्स देखने की बजाय किताब पढ़ने की आदत को डेवलप करें। हर दिन लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें। बेडरूम को शांत और आरामदायक रखें ताकि शरीर को आराम का संकेत मिल सके।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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