Celina Jaitly Share Emotional Video: बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली (Celina Jaitly) इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में बनी हुई है। कुछ दिनों पहले खबर सामने आई थी सेलिना जेटली और उनके पति पीटर हाग (Peter Haag) के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। जिसके बाद दोनों तरफ से अब लीगल एक्शन लिया गया है। इसके बाद से सेलिना जेटली के तीनों बेटे विंस्टन, विराज और आर्थर उनके पति पीटर हाग के पास ऑस्ट्रिया में हैं। अब सेलिना जेटली ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि बीते कुछ साल उनके लिए कितने दर्दनाक रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कि सेलिना जेटली ने क्या लिखा है।
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इमोशनल हुईं सेलिना जेटली
एक्ट्रेस सेलिना जेटली एक बार फिर से खबरों में आ गई है। इसकी वजह सेलिना जेटली का अभी हाल ही में शेयर किया गया वीडियो है। एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए एक इमोशनल वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में सेलिना जेटली अपने बच्चों के साथ खलेती नजर आ रही हैं। वीडियो पर एक्ट्रेस ने लिखा कि 'मुझे कभी नहीं लगा था कि टूटी हुई चीजें भी फिर से बिखर सकती हैं, जब तक मैंने अपना दिल टूटते नहीं देखा। मेरे तीनों बेटों, तुम्हारी बहुत याद आती है। मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करती हूं कि किसी चमत्कार से तुम तीनों फिर से मेरी लाइफ में लौट आओ।'
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कैप्शन में लिखी ये बात
इस इमोशनल वीडियो को शेयर करते हुए सेलिना जेटली ने लिखा कि 'सबसे मजबूत लोग अक्सर वही होते हैं, जो आज भी अंदर से टूट रहे होते हैं। लोग मुझे मजबूत कहते हैं। लेकिन दर्द और ट्रॉमा ने मुझे मजबूत नहीं बनाया। उन्होंने मुझे बार-बार तोड़ा, इतना कि मेरे पास खुद को संभालना और खुद ही अपने जख्म भरना सीखने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। फिर जब मुझे लगता है कि अब मैं संभल गई हूं, तभी पुराने जख्म फिर से हरे हो जाते हैं। बीती बातें एक-एक कर आंखों के सामने लौट आती हैं। दिल में ऐसा दर्द उठता है, जैसे वह फिर से टूट रहा हो। तब मैं रुक जाती हूं। शोर-शराबे और दुनिया से थोड़ा दूर हो जाती हूं। दर्द से भागने के लिए नहीं, बल्कि खुद को बचाए रखने के लिए। मैं अपने बिखरे हुए हिस्सों को फिर से समेटती हूं, गहरी सांस लेती हूं और एक बार फिर खुद को संभालने की कोशिश करती हूं। लोग अक्सर कहते हैं, ‘तुम्हारे ट्रॉमा ने तुम्हें और मजबूत बना दिया।’ मैं बस चुप रह जाती हूं। क्योंकि सच ऐसा नहीं है। ट्रॉमा ने मुझे बनाया नहीं, उसने मुझे तोड़ा है। उसने मुझसे मेरा बहुत कुछ छीन लिया, ऐसे जख्म दिए जो किसी को दिखाई नहीं देते और मुझे अपनी ही उन पुरानी पहचान का शोक मनाना पड़ा, जिन्हें मैं कभी पूरी तरह वापस नहीं पा सकती। जिस ताकत की लोग तारीफ करते हैं, वह दर्द की देन नहीं है। वो ताकत मेरे भीतर से आई है। हर बार, हर हाल में, उस चीज़ के सामने हार न मानने के फैसले से, जो मुझे मिटा देना चाहती थी। शायद सबसे मजबूत लोग वे नहीं होते, जो कभी टूटते ही नहीं। बल्कि वे होते हैं, जो टूटते रहने के बावजूद हर बार फिर से खुद को जोड़ने और ठीक करने का फैसला करते हैं।'
