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MP News: मनासा में GBS से दो मरीजों की मौत, अलर्ट मोड पर सरकार; स्पेशल वार्ड और कंट्रोल रूम के निर्देश

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा कस्बे में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (GBS) के प्रकोप से दो मरीजों की मौत हो गई है और अब तक 14 मरीज सामने आए हैं। हालात की समीक्षा के लिए उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मनासा का दौरा किया। साथ ही नियंत्रण कक्ष, विशेष वार्ड, एंबुलेंस और घर-घर सर्वे जैसे कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

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मनासा में हालात की समीक्षा को पहुंचे उप-मुख्यमंत्री

MP News: मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा कस्बे में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (जीबीएस) के प्रकोप के दौरान दो मरीजों की मौत के बाद राज्य सरकार ने रोगियों की पहचान और उनके बेहतर इलाज के लिए शनिवार को बड़े अभियान की घोषणा की। जीबीएस के प्रकोप से निपटने के लिए मनासा में नियंत्रण कक्ष स्थापित करने, सरकारी अस्पताल में इस बीमारी के रोगियों के लिए विशेष वॉर्ड बनाने और अन्य इंतजामों के निर्देश दिए हैं।

डिप्टी सीएम ने किया मनासा का दौरा

एमपी के उपमुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर मनासा का दौरा किया और अधिकारियों के साथ बैठक करके हालात की समीक्षा की। बैठक में राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी भी शामिल थे। बैठक के बाद शुक्ल ने संवाददाताओं को बताया कि मनासा में जीबीएस के शुरुआती मरीजों की पहचान 12 जनवरी को हुई जो जयपुर और अहमदाबाद के अस्पतालों में भर्ती थे। उन्होंने बताया कि करीब 35,000 की आबादी वाले मनासा में जीबीएस के अब तक 14 मरीज मिले हैं और उनके इलाज का खर्च प्रदेश सरकार उठा रही है।

घर-घर जाकर लोगों की जांच

उपमुख्यमंत्री ने बताया, ‘‘दो मरीजों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई है, जबकि दो अन्य रोगियों को जीवन रक्षक तंत्र पर रखा गया था और अब उनकी हालत खतरे से बाहर है।’’ शुक्ल ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को मनासा में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने, सरकारी अस्पताल में जीबीएस के रोगियों के लिए विशेष वॉर्ड बनाने, जीवनरक्षक तंत्र की सुविधा वाली एम्बुलेंस तैनात करने और दवाओं व इंजेक्शन का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जीबीएस के प्रकोप से बचने के वास्ते एहतियात बरतने के लिए मनासा की जनता को जागरूक किया जा रहा है और घर-घर सर्वेक्षण करके लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। बहरहाल, राज्य सरकार को अब तक पता नहीं चल सका है कि इस कस्बे में जीबीएस का प्रकोप कैसे फैला।

जीबीएस क्या है?

शुक्ल ने बताया, ‘‘जांच में एक जलशोधन संयंत्र और अन्य स्थानों से लिए गए पानी के नमूने पहली नजर में दूषित नहीं पाए गए हैं। मरीजों के रक्त के सीरम, खाद्य पदार्थों और अन्य चीजों के नमूने हैदराबाद, कोलकाता और पुणे के संस्थानों में जांच के लिए भेजे गए हैं।’’ जीबीएस एक दुर्लभ, लेकिन गंभीर बीमारी है जिसमें रोगी के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से उसके ही परिधीय तंत्रिका तंत्र पर हमला शुरू कर देती है। परिधीय तंत्रिका तंत्र में वे तंत्रिकाएं शामिल होती हैं जो किसी व्यक्ति को शरीर के अंगों को महसूस करने और चलने के बारे में संकेत भेजती हैं। जीबीएस के मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, उसके शरीर के हिस्से अचानक सुन्न पड़ जाते हैं, मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और उसे कुछ निगलने या सांस लेने में भी दिक्कत होती है।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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