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17 इंटरचेंज, 140 ब्रिज और 28 फ्लाइओवर वाले इस Expressway का उद्घाटन अगले महीने

गंगा एक्सप्रेसवे लगभग 594 किलोमीटर लंबा मेगा प्रोजेक्ट है, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। UPEIDA के अनुसार इसका उद्घाटन फरवरी में हो सकता है। यह मेरठ से प्रयागराज तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा, यात्रा समय घटाएगा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा और आधुनिक AI आधारित सुरक्षा व FASTag टोलिंग से सफर का बेहतर अनुभव देगा।

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लगभग तैयार है गंगा एक्सप्रेसवे, अगले महीने हो सकता है उद्घाटन

KEY HIGHLIGHTS
  • गंगा एक्सप्रेसवे यूपी का सबसे बड़ा मेगा रोड प्रोजेक्ट
  • गंगा एक्सप्रेसवे FASTag आधारित टोल ट्रायल पूरी तरह सफल
  • पूर्वी-पश्चिमीयूपीकोजोड़करयात्रासमयऔरलागतमेंकमी

देश के विकास को रफ्तार देने में एक के बाद एक बन रहे एक्सप्रेसवेज का बड़ा योगदान है। वैसे भी कहते हैं विकास सड़क के जरिए ही पहुंचता है। देश में सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन रहा है। उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे भी बन रहा है। जी हां, गंगा एक्सप्रेसवे यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे और इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने सोशल मीडिया X के जरिए जानकारी दी है कि गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अगले महीने हो सकता है। यानी फरवरी में आप गंगा एक्सप्रेसवे पर फर्राटा मार सकते हैं। चलिए जानते हैं गंगा एक्सप्रेसवे और UPEIDA के दावे के बारे में -

कितना लंबा है गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है और जब तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। UPEIDA के अनुसार एक्सप्रेसवे को अगले महीने आम जनता के लिए खोला जा सकता है। बताया गया कि एक्सप्रेसवे पर FASTag आधारित टोल प्लाजा का ट्रायल सफल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि टेस्टिंग के दौरान कॉन्टैक्टलेस टोल कलेक्शन सिस्टम ने बेहतरीन काम किया। इस तरह गंगा एक्सप्रेसवे की ओपनिंग में एक बड़ा अवरोध दूर हो गया।

गंगा एक्सप्रेसवे से किन जिलों को मिल रही कनेक्टिविटी

गंगा एक्सप्रेसवे UPEIDA का प्रोजेक्ट है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, राय बरेली, प्रतापगढ़ होते हुए पूर्वी यूपी में प्रयागराज तक बनाया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक की आवाजाही शुरू होने से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे राज्य के दोनों हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ेंगी।

ट्रायल के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे के कई टोल प्लाजा पर FASTag आधारित टोलिंग प्रणाली का टेस्ट किया गया। इनमें से एक बदायूं जिले में मौजूद टोल प्लाजा भी है। जब कार की रफ्तार को थोड़ा धीमा किया गया तो इस दौरान कैमरे ने कार की विंडशील्ड पर लगे FASTag को पढ़ा और टोल प्लाजा पर लगा बूम बेरियर स्मूथ तरीके से खुल गया। इससे विश्वास जगता है कि भविष्य में टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति देखने को नहीं मिलेगी।

UPEIDA on Ganga Expressway

UPEIDA ने बताया - गंगा एक्सप्रेसवे फरवरी में होगा शुरू

बदायूं की तरह ही पूरे गंगा एक्सप्रेसवे के रूट पर कई टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं। कुछ पर ट्रायल जारी हैं। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने इस बात पर मुहर लगाई कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अभी इसको आम जनता के लिए खोलने से पहले तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह एक्सप्रेसवे कितना लंबा और प्रोजेक्ट कितना बड़ा है, उसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि यह 140 नदी-नालों के ऊपर से गुजरा है।

गंगा एक्सप्रेसवे की कुछ खास बातें

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का एक मेगा प्रोजेक्ट है। इसका कार्य बड़े स्तर पर हुआ है और इसमें कई बड़ी संरचनाएं बनी हैं, जिनका ब्योरा आप यहां टेबल में जानेंगे।

कुल संरचनाएंसंरचना का नाम
7रोड ओवरब्रिज
17इंटरचेंज
14बड़े पुल
126छोटे पुल
28फ्लाईओवर
50वाहन अंडरपास
171हल्के वाहन अंडरपास
160छोटे वाहन अंडरपास
946कलवर्ट

ब्रिज और अंडरपास के इतने बड़े नेटवर्क का सिर्फ और सिर्फ यही मकसद है कि जहां से गंगा एक्सप्रेसवे गुजर रहा है, वहां आसपास के इलाकों में किसी तरह की समस्या न हो। वहां के लोकल और लंबी दूरी के ट्रैफिक में किसी तरह की डिस्टर्बेंस न आए।

लगा AI आधारित मॉनीटरिंग सिस्टम

गंगा एक्सप्रेसवे न सिर्फ पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक सूत्र में पिरोता है, बल्कि सड़क सुरक्षा और बेहतरीन राइड एक्सपीरियंस भी देगा। यहां पर अत्याधुनिक AI आधारित मॉनीटरिंग सिस्टम लगाया गया है, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ETH जूरिक यूनिवर्सिटी और स्विटजर्लेंड की RTDT लेबोरेटरीज एजी से हाथ मिलाया है।

गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के लिए कितना महत्वपूर्ण

जब गंगा एक्सप्रेसवे तैयार होकर पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो राज्य के पश्चिमी छोर से पूर्वी छोर तक आवाजाही आसान हो जाएगी। दोनों हिस्सों के बीच सफर में समय की काफी बचत होगी। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर की ओर जाने वाले और पूर्वी यूपी से दिल्ली, नोएडा आदि जाने वाले यात्रियों को बड़ा फायदा होगा।

FAQs

गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई कितनी है?

गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है।

गंगा एक्सप्रेसवे कहां से कहां तक बना है?

गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण किस एजेंसी ने किया है?

गंगा एक्सप्रेसवे कब शुरू होने की संभावना है?

क्या गंगा एक्सप्रेसवे पर FASTag टोल सिस्टम लागू होगा?

गंगा एक्सप्रेसवे से किन जिलों को फायदा मिलेगा?

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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