राष्ट्रीय राजमार्गों पर शौचालयों की स्वच्छता और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए NHAI ने ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ की अवधि 30 जून 2026 तक बढ़ा दी है। डेट्स बढ़ाने का मकसद ज्यादा से ज्यादा नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि शौचालयों की स्थिति में निरंतर सुधार हो सके। साथ ही, इस पहल के तहत मिलने वाले FASTag रिचार्ज रिवॉर्ड की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जा सके।
इस योजना का मुख्य फोकस नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ना है। NHAI चाहता है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोग सिर्फ उपयोगकर्ता न रहकर निगरानीकर्ता भी बनें। शौचालयों की वास्तविक स्थिति की तस्वीरें शेयर करके यात्री प्रशासन को सीधे जानकारी दे सकते हैं। इससे जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान तेजी से होगी और सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जा सकेंगे।
इस अभियान के तहत शेयर की गई साफ-सुथरे या गंदे शौचालयों की तस्वीरों का रोज मूल्यांकन किया जाएगा। जो दावे योजना के मानकों पर खरे उतरेंगे, उन्हें निर्धारित समयसीमा में निपटाया जाएगा। इससे यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और उन्हें यह महसूस होगा कि उनकी शिकायत या सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है, न कि सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।
योजना के तहत सत्यापन के बाद FASTag रिचार्ज रिवॉर्ड पांच दिनों के भीतर संबंधित वाहन पंजीकरण संख्या से जुड़े FASTag खाते में जमा कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है, जिससे किसी भी प्रकार की देरी या भ्रम की संभावना कम होती है। इससे न सिर्फ उपयोगकर्ता संतुष्ट होंगे, बल्कि डिजिटल भुगतान प्रणाली में भी विश्वास मजबूत होगा।
NHAI ने ‘क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज’ की शुरुआत सितंबर 2025 में की थी। शुरुआत के कुछ ही महीनों में इस पहल को यात्रियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। लगभग 350 यात्रियों ने गंदे शौचालयों की रिपोर्ट की, जिनमें से 265 योग्य प्रविष्टियों को FASTag रिचार्ज से पुरस्कृत भी किया गया। यह आंकड़ा योजना की लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।
इस योजना में भाग लेना बहुत ही सरल रखा गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले उपयोगकर्ता राजमार्ग यात्रा (Rajmargyatra) मोबाइल ऐप के लेटेस्ट वर्जन के जरिए साफ, जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं। इसके साथ उपयोगकर्ता को नाम, जगह, वाहन पंजीकरण संख्या (गाड़ी का नंबर) और मोबाइल नंबर जैसी बुनियादी जानकारी भी देनी होती है।
हर योग्य वाहन पंजीकरण संख्या को 1000 रुपये का FASTag रिचार्ज इनाम दिया जाएगा। यह इनाम सिर्फ FASTag रिचार्ज के रूप में मिलेगा, इसे नकद में नहीं लिया जा सकता। साथ ही, पूरे योजना काल में एक VRN सिर्फ एक बार ही इनाम के लिए पात्र होगा। यह व्यवस्था योजना के दुरुपयोग को रोकने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को मौका देने के लिए बनाई गई है।
योजना के तहत किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग शौचालय को एक दिन में सिर्फ एक बार इनाम के लिए माना जाएगा। यदि एक ही दिन में उसी शौचालय की कई रिपोर्ट आती हैं, तो सिर्फ सबसे पहले आई वैध रिपोर्ट को ही स्वीकार किया जाएगा। इससे दोहराव से बचाव होगा और व्यवस्था अधिक निष्पक्ष व व्यवस्थित बनी रहेगी।
यह योजना सिर्फ उन्हीं शौचालयों पर लागू होगी जो एनएचएआई के अंतर्गत निर्मित, संचालित या अनुरक्षित हैं। पेट्रोल पंप, ढाबों या अन्य निजी/सार्वजनिक स्थानों पर स्थित शौचालय, जो एनएचएआई के नियंत्रण में नहीं हैं, इस योजना से बाहर रखे गए हैं। इससे जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र स्पष्ट रहता है।
इस पहल के जरिए NHAI राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्वच्छता और स्वच्छ आदतों की संस्कृति को बढ़ावा देना चाहता है। यह योजना सिर्फ शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यात्रियों और प्रशासन के बीच साझेदारी का उदाहरण है। इससे यह संदेश जाता है कि स्वच्छता सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।