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Agra News: गुपचुप तरीके से शुरू हो गया ये बाईपास, घंटों का सफर मिनटों में हो रहा तय

Agra News: आगरा में गुपचुप तरीके से एक बाईपास शुरू हो गया है, जिससे फरह से खंदोली का सफर मिनटों में पूरा हो रहा है। 33 किमी लंबा यह बाईपास न सिर्फ आगरा-मथुरा को जाम से राहत देता है, बल्कि यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच भी आसान बनाता है। इससे समय, ईंधन की बचत और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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आगरा उत्तरी बायपास पर ट्रैफिक शुरू (फाइल फोटो) (x.com/DetoxTravellerr)

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Agra News: सड़कों से होकर ही विकास का पहिया महानगरों से नगरों और फिर गांवों तक जाता है। देश में तमाम सड़क परियोजनाएं चल रही हैं, जो देश को विकास के रास्ते में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। इस सड़क परियोजनाओं से न सिर्फ समय की बचत हो रही है, बल्कि ईंधन पर खर्च भी कम हो रहा है और यात्रा सुगम व सुरक्षित बन रही है। इसी कड़ी में आगरा वासियों के लिए खुशखबरी है। आगरा में बन रहा एक बाईपास गुपचुप तरीके से शुरू हो गया है और इससे लोग तेजी से अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं और टोल व ईंधन की भी बचत हो रही है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं -

आगरा के इस बाईपास का नाम क्या है?

आगरा के जिस बाईपास की हम बात कर रहे हैं उसका नाम उत्तरी बाईपास है और यह पूरी तरह से बनकर तैयार है। अच्छी बात ये है कि इस पर ट्रैफिक चालू भी हो गया है। हालांकि, अभी ज्यादा लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए इस पर इक्का-दुक्का गाड़ियां भी फर्राटा मारते हुए दिखती हैं।

कहां बना है यह बाईपास

जिस आगरा उत्तरी बाईपास की हम यहां बात कर रहे हैं वह दिल्ली आगरा हाईवे पर किलोमीटर 174 पर रैपुरा जाट से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे के किमी 141 को जोड़ता है। 6 लेन के इस बाईपास पर कार के लिए स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है।

कितना लंबा है उत्तरी बाईपास

यह बाईपास फरह से खंदौली की दूरी को काफी कम कर देता है। अभी तक यात्रियों को फरह से खंदोली तक का सफर करने के लिए आगरा शहर के अंदर से जाना पड़ता था, जहां भारी ट्रैफिक के चलते 45 किमी से अधिक की दूरी को तय करने में कई घंटे लग जाते थे। लेकिन अब यह दूरी अब 30 किमी तक कम हो गई है और आधे घंटे से भी कम समय में तय हो जाती है। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होती है। आगरा उत्तरी बाइपास ओल्ड NH2 (नेशनल हाईवे-19) स्थित रैपुरा जाट को मिडावली हाथरस रोड से जोड़ता है। लगभग 400 करोड़ रुपये से बने इस 14 किमी लंबे बाइपास के चालू होने से खंदौली पहुंचने में मात्र 20 मिनट का समय लग रहा है। इससे सिकंदरा चौराहे पर वाहनों का दबाव भी काफी कम हो गया है।

आगरा उत्तरी बाईपास से किसे ज्यादा फायदा

इस बाईपास से आगरा और मथुरा के लोगों को भीषण जाम से बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही उनकी यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच भी पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गई है। बाईपास मथुरा तहसील के शहजादपुर पौरी, पौरी चुरमुरा, रैपुरा जाट, भदाया और महावन तहसील के कंजोली घाट, अकोस और नेरा गांवों से गुजरता है। यही नहीं, हाथरस जिले के सादाबाद तहसील के मिढ़ावली गांव से भी यह बाईपास गुजरता है। जिन लोगों को आगरा में खंदारी, ट्रांसपोर्ट नगर और सिकंदरा जाना होता है, उनके लिए भी यह नया बाईपास राह को आसान बनाएगा। इन लोगों को अब कुबेरपुर होकर आगरा जाने की जरूरत नहीं है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

बाईपास के शुरू होने से यहां के स्थानीय लोगों के साथ ही लखनऊ, कानपुर, फिरोजोबाद, टुंडला, ग्वालियर, जयपुर, भरतपुर के साथ ही मथुरा और आगरा के बीच सफर करने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। इससे भविष्य में यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

अभी इस बाईपास को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, अभी इस पर टोल नहीं वसूला जा रहा है, लेकिन जल्द ही यहां टोल प्लाजा भी बन जाएगा। NHAI उत्तरी बाईपास से गुजरने वाले वाहनों का सर्वे कर रहा है और रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है। इसके आधार पर ही आगे टोल प्लाजा बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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