Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा 'गंगा एक्सप्रेसवे' पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ से पूर्वी यूपी में प्रयागराज तक बन रहा यह 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ाएगा। इस एक्सप्रेसवे के खुलने से मेरठ और प्रयाराज के बीच सफर में न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि ईंधन की भी अच्छी खासी बचत होगी। बड़ी बात ये है कि गंगा एक्सप्रेसवे बनकर लगभग पूरा हो चुका है और इस पर ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। चलिए जानते हैं गंगा एक्सप्रेसवे की खूबियां और आखिर यह कब आम जनता के लिए खुलेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट है। मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाला यह 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे ट्रैफिक के लिए लगभग तैयार है। अब इसके जल्द उद्घाटन की उम्मीदें भी तेज हो गई हैं। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे के टोल बूथों की जांच की गई और फास्टैग लगे वाहन बिना किसी तकनीकी समस्या के टोल प्लाजा से गुजरे।
इन दो कंपनियों को मिला ठेका
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश सरकार ने अडानी एंटरप्राइजेज और IRB इंफ्रास्ट्रक्चर के सहयोग से किया है। इस परियोजना के तहत संभल जिले का करीब 60 किलोमीटर लंबा हिस्सा भी है, जो इसापुर से बहजोई क्षेत्र के सुनवारी गांव तक फैला है। दिसंबर 2025 में सड़क पर डामरीकरण, स्ट्रीट लाइटिंग, पौधरोपण और सौंदर्यीकरण जैसे सभी फिनिशिंग कार्य पूरे कर लिए गए थे।
खिरनी मोइनुद्दीनपुर में वे-साइड एमेनिटी सेंटर
यात्रियों की सुविधा के लिए गंगा एक्सप्रेसवे पर खिरनी मोइनुद्दीनपुर के पास एक अत्याधुनिक वे-साइड एमेनिटी सेंटर भी बनाया जा रहा है। यहां पेट्रोल पंप, मेडिकल यूनिट, फायर स्टेशन और विश्राम स्थल सभी एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे। यही नहीं, लहरावन इंटरचेंज का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है, जिससे आसपास के इलाकों तक पहुंच और अधिक आसान होगी।

गंगा एक्सप्रेसवे जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा
कब शुरू हुआ था गंगा एक्सप्रेसवे का काम
गंगा एक्सप्रेसवे पर लहरावन और खिरनी मोइनुद्दीनपुर दो प्रमुख इंटरचेंज बनाए गए हैं, जो आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराते हैं। ज्ञात हो कि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण 2019 में शुरू हुआ था और 2021 में यह कार्य पूरा हुआ। एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अप्रैल 2022 से शुरू किया गया था।
गंगा एक्सप्रेसवे पर कब मारेंगे फर्राटा
यूपी विकास प्राधिकरण (UPDA) के एग्जक्यूटिव इंजीनियर राकेश कुमार मोगा ने जानकारी दी कि 31 दिसंबर को मेरठ के अट्टाला टोल प्लाजा पर ट्रायल किया गया। कई वाहनों को टोल लेन से गुजारा गया और सभी फास्टैग सिस्टम पूरी तरह सफल रहे। अधिकारियों के अनुसार परियोजना अब पूरी तरह से तैयार है और सिर्फ सरकारी मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
FAQs
गंगा एक्सप्रेसवे कहां से कहां तक बना है?
गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से पूर्वी यूपी के प्रयागराज तक बनाया गया है।
