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Dumka Loksabha Election 2024: चुनावी रण में सोरेन बनाम सोरेन, दुमका सीट पर कौन मारेगा बाजी, बस 4 जून का इंतजार

दुमका लोकसभा सीट पर सभी की निगाहें टिकी हुई है। यहां जेएमएम अध्यक्ष की बड़ी बहू सीता मुर्मू पार्टी से 15 साल पुराना नाता तोड़ बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़ रही हैं। वहीं सीता मुर्मू के खिलाफ चुनावी मैदान में जेएमएम के नलिन सोरेन उतरे हैं। अब देखना ये है कि चुनाव में कौन सी पार्टी बाजी मारती है।

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दुमका लोकसभा चुनाव 2024

Dumka Loksabha Election 2024: दुमका लोकसभा सीट जेएमएम का गढ़ मानी जाती है। यहां 18 बार हुए लोकसभा चुनाव में से 8 बार जेएमएम, 5 बार कांग्रेस, 3 बार बीजेपी, एक-एक बार झारखंड पार्टी और जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी। 2002 से लेकर 2014 के लोकसभा चुनाव तक झारखंड मुक्ति मोर्चा- जेएमएम ने इस सीट की सत्ता संभाली। लेकिन 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सुनील सोरने ने जीत अपने नाम की। झारखंड मुक्ति मोर्चा से 15 साल पुराना नाता तोड़ने के बाद जेएमएम अध्यक्ष की बहू सीता मुर्मू उर्फ सीता सोरेन बीजेपी की तरफ से दुमका सीट पर चुनावी मैदान में उतरी हैं। वहीं बड़ी बहू की बगवात के बाद जेएमएम ने नलिनी सोरेन को चुनावी रण में उतारा है। अब देखना ये है कि दुमका सीट पर कौन बाजी मारता है।

दुमका से कैंडिडेट की लिस्ट

दुमका झारखंड की लोकसभा सीट है। इस सीट पर सातवें चरण के मतदान 1 जून यानी आज हो रहे है। इस इस सीट पर सोरेन बनाम सोरेन की लड़ाई है। एक ही परिवार के दो सदस्य दो अलग पार्टियों के उम्मीदवार के रूप में इस सीट पर चुनावी मैदान में उतरे हैं। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन को चुनावी मैदान में उतारा है। सीता सोरेन के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने नलिन सोरेन को चुनावी रण में उतारा है। अब देखना ये है कि आज हुए चुनाव में किस सोरेन को सबसे अधिक वोट मिलते हैं। 4 जून को किस सोरेन की किस्मत चमकती है।

सीता सोरेन - भाजपा

नलिन सोरेन - जेएमएम

परेश मरांडी - बसपा

राजेश किस्कू - भाकपा

मुन्नी हांसदा - एसएपी

राजू इमानुअल सोरेन - एपीओआई

जोनाथन मार्डी - पीपीआई(डी)

अलेश हांसदा - आईएनएसएएफ

अनिल टुडू - एलओकेएचएपी

लता टुडू - आईएनडी

बाघराई सोरेन - आईएनडी

बीरेन मोहली - आईएनडी

श्रीलाल किस्कू - आईएनडी

कमिश्नर सोरेन - आईएनडी

महाशोन सोरेन - आईएनडी

मनोज हेम्ब्रोम - आईएनडी

निर्मल सोरेन - आईएनडी

संजय टुडू - आईएनडी

सुशांति हेम्ब्रोम - आईएनडी

दुमका सीट

दुमका सीट पर पहला लोकसभा चुनाव 1952 में हुए था। इस दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। 1957 में झारखंड पार्टी ने जीत हासिल करने के बाद 1962 से लेकर 1971 तक कांग्रेस सत्ता में रही। झारखंड की दुमका सीट को सोरेन परिवार का गढ़ माना जाता है। भारतीय जनता पार्टी ने यहां 3 बार जीत हासिल की है, कांग्रेस ने 5 बार तो वही झारखंड मुक्ति मोर्चा ने करीब 8 बार इस सीट पर जीत हासिल की है। लेकिन इस बार मुकाबला सोरेन परिवार के बीच है। यहां शिबू सोरेन की बड़ी बहू और नलिन सोरेन के बीच सीट की लड़ाई है। अब देखना ये है की इस बार दुमका सीट पर कौन बाजी मारता है।

सीता सोरेन

सीता सोरेन जेएमएम के अध्यक्ष शिबू सोरेन की बड़ी बहू है। वह 15 साल तक पारिवारिक पार्टी जेएमएम का हिस्सा रही। लेकिन अचानक उन्होंने मार्च 2024 में पारिवारिक पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने का फैसला लिया। बीजेपी ने उसके बाद प्रत्याशियों की पांचवी लिस्ट में कुछ बदलाव किए। बदलाव में उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 में जीत हासिल करके दुमका के सांसद बने सुनील सोरेन का नाम हटा दिया और सीता सोरेन का नाम एड किया। बीजेपी की पांचवी लिस्ट जारी होने के बार दुमका सीट पर सियासी उथल-पुथल मच गई। क्योंकि अब चुनावी मैदान में सोरेन बनाम सोरेन जो हो गया है। दुमका सीट पर सभी की निगाहें लगी हुई है। एक ही परिवार के भीतर चुनावी लड़ाई जो देखने को मिल रही है। जानकारी के अनुसार सीता सोरेन के पति दुर्गा सोरेन की साल 2009 में ब्रेन हेमरेज के कारण मौत हो गई थी। उसके बाद ही सीता सोरेन ने राजनीति में कदम रखा। 2014 और 2019 में वह जमा सीट से विधायक बनी।

नलिन सोरेन

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नलिन सोरेन 7 बार शिकारीपाड़ा सीट से विधायक चुने गए। सीता सोरेन के बीजेपी में जाने के बाद जेएमएम ने दुमका लोकसभा सीट के लिए नलिन सोरेन को उतारा गया है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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