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Singhbhum Loksabha Election 2024: चुनावी रण में गीता कोड़ा और जोबा मांझी, सिंहभूम सीट पर कौन मारेगा बाजी, 4 जून का इंतजार

Singhbhum Loksabha Election 2024: सिंहभूम लोकसभा सीट पर चुनाव 13 मई को हुए थे। इस सीट पर दो महिलाओं के बीच सीधा मुकाबला हुआ है। इसमें एक बीजेपी की गीता कोड़ा और झारखंड मुक्ति मोर्चा की जोबा मांझी चुनावी रण में है।

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सिंहभूम लोकसभा चुनाव 2024

Singhbhum Loksabha Election 2024: सिंहभूम में पहली बार लोकसभा चुनाव 1957 में हुए थे। तब ये क्षेत्र बिहार का हिस्सा हुआ करता था। शुरू के 5 लोकसभा चुनावों में झारखंड पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। लेकिन 1980 के बाद यहां सियासत पलट गई। जब झारखंड पार्टी से सिंहभूम लोकसभा सीट पर 1977 में बागुन सुमब्राई ने जीत हासिल करने के बाद 1980 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से चुनाव लड़ने का फैसला लिया। उसके बाद बागुन सुमब्राई ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद 1980, 1984 और 1989 में सिंहभूम सीट से जीत हासिल की।

1998, 2004 और 2019 में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत का परचम लहराया। जहां कांग्रेस ने 6 बार जीत हासिल की है वहीं बीजेपी ने 3 बार जीत हासिल की। बता दें कि पहले सिंहभूम बिहार का हिस्सा हुआ करता था। वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड एक अलग राज्य के रूप में स्थापित हुआ। तब सिंहभूम झारखंड का हिस्सा बना। वर्ष 2000 के बाद हुए चुनाव में 2 बार कांग्रेस और 1 बार बीजेपी ने बाजी मारी। वहीं एक बार मधु कोड़ा ने निर्दलीय जीत हासिल की। लाइव हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के अनुसार 16 बार हुए लोकसभा चुनाव में 14 बार हो समाज से आने वाले उम्मीदवारों ने इस सीट पर जीत हासिल की। अब देखना ये है 13 मई 2024 को हुए मतदान में बीजेपी बाजी मारती है या कांग्रेस। इसका फैसला 4 जून 2024 को रिजल्ट की घोषणा के बाद ही होगा।

सिंहभूम पर इनके बीच होगा चुनावी मुकाबला

सिंहभूम लोकसभा सीट पर 2019 में कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ने और जीतने वाली गीता कोड़ा इस बार बीजेपी की तरफ से चुनावी मैदान में उतरी हैं। उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव 2024 में झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी से जोबा मांझी चुनावी रण में उतरी हैं। सिंहभूम लोकसभा सीट इन दोनों महिलाओं के बीच सांसद बनने की रेस लगी है। कांटे की इस टक्कर में देखना ये है कि क्या इस बार भी गीता कोड़ा जीत हासिल करती हैं या जोबा माझी बाजी मारती हैं। बीजेपी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के अलावा बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार परदेशी लाल मुंडा चुनावी मैदान में उतरे हैं।

गीता कोड़ा - भाजपा

जोबा माझी - झामुमो

परदेशी लाल मुंडा - बसपा

पनमणि सिंह - एसयूसीआई

बीर सिंह देवगम - आरटीआरपी

विश्व विजय मार्डी - एपीओआई

सुधा रानी बेसरा - पीपीआई(डी)

कृष्णा मार्डी - झामुमो (यू)

चित्रसेन सिंकू - जेएचकेपी

आशा कुमारी रुंडा - आईएनडी

दामोदर सिंह हांसदा - आईएनडी

दुर्गा लाल मुर्मू - आईएनडी

माधव चंद्र कुंकल - आईएनडी

संग्राम मार्डी - आईएनडी

गीता कोड़ा

गीता कोड़ा ने लोकसभा चुनाव में 2019 में सिंहभूम सीट से जीत हासिल की थी। उस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। लेकिन बाद में गीता कोड़ा फरवरी 2024 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई। लोकसभा 2019 का चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने गीता कोड़ा को चुनावी मैदान में जोबा मांझी के खिलाफ उतारा है। बता दें कि गीता कोड़ा मधु कोड़ा की पत्नी है। मधु कोड़ा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं।

जोबा माझी

जोबा माझी 2014 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य के रूप में मनोहरपुर से झारखंड विधानसभा के लिए चुनी गई थी। वह उसके बाद 5 बार विधायक रही हैं। वहीं 2019 से 2024 तक हेमंत सोरेन सरकार में समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास और पर्यटन मंत्री के तौर पर रही हैं। जोबा मांझी के पति देवेंद्र मांझी भी राजनीतिज्ञ है। वह भी चुनाव लड़ चुके हैं और झारखंड के बड़े आदिवासी नेताओं में से एक हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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