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Thane News: लापरवाही! बच्चे के पैर का होना था इलाज, डॉक्टर ने कर डाला प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन; दिल दहला देगा मामला

Thane News: ठाणे के शाहपुर उपजिला अस्पताल में पैर में लगी चोट के कारण एक बच्चे को भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने सारी रिपोर्ट देखने के बाद पैर के ऑपरेशन की बात की लेकिन ओटी में उसके प्राइवेट पार्ट की सर्जरी की गई। पिता ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

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बच्चे के पैर का होना था इलाज, डॉक्टर ने कर डाला प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन

Photo : iStock

Thane News: महाराष्ट्र में ठाणे जिले के शाहपुर उपजिला अस्पताल में 14 साल के एक लड़के के पैर की जगह उसके प्राइवेट पार्ट की सर्जरी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शाहपुर जिला ठाणे के निवासी 14 साल के लड़के प्रीतम सुरेश पेज के निचले पैर में चोट लग गई थी, इसलिए उसके माता-पिता ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पैर का एक्स-रे और सभी रिपोर्ट के आने और उसकी जांच करने के बाद डॉक्टर ने माता-पिता को बच्चे के पैर के ऑपरेशन करने की बात कही। लेकिनअगले दिन पैर के बजाए उसके प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन किया गया।

पैर के ऑपरेशन के बजाय किया प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार, शाहपुर उपजिला अस्पताल में प्रीतम के ऑपरेशन से पहले दो बच्चों की यूरिनरी ट्रैक्ट सर्जरी की गई थी। उसके बाद प्रीतम के पैर का ऑपरेशन होना था। डॉक्टर ऑपरेशन के लिए उसे ओटी में ले गए और उसके पैर की जगह प्राइवेट पार्ट की सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट किया गया। वार्ड में बच्चे को देखने के बाद मां को पता लगा कि बच्चे के पैर के ऑपरेशन की बजाए प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन किया गया है। मां क अस्पताल में शोर मचाने और चिलाने पर डॉक्टर फिर बच्चे को ओटी में लेकर गए और बाएं पैर का ऑपरेशन किया।

डॉक्टर ने बताया बच्चे की समस्या के अनुसार किया गया ऑपरेशन

शाहपुर उपजिला अस्पताल के डॉ. शिंदे ने बताया कि बच्चे को दो समस्याएं थीं इसलिए दोनों ऑपरेशन एक ही समय में किए गए। उन्हें बताया कि ऑपरेशन के दौरान मरीज के साथ आए कुछ परिजन बदल जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भले ही उनके परिजन बदल गए होंगे लेकिन मरीज के पैर और प्राइवेट पार्ट दोनों का ऑपरेशन किया गया था। जानकारी के अनुसार, प्रीतम के माता-पिता को बिना बताए और बिना पूछे, सीधा बच्चे के प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन किया गया। वहीं बच्चे के पिता ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हम बच्चे को तब तक घर नहीं ले जाएंगे, जब तक डॉक्टर और अस्पताल गलत तरीके से किए गए ऑपरेशन की जिम्मेदारी नहीं लेता है। अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारी गजेंद्र पवार ने मामले पर सफाई दी और कहा कि कई बार अलग-अलग परिवार के लोग अस्पताल में रहते हैं। ऐसे में संभव है कि उन्हें समझ न आया हो। अधिकारी ने आगे कहा, क्योंकि परिवार ने शिकायत की है इसलिए सिविल सर्जन की टीम की जांच की जाएगी।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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