विवादों से घिरे हॉकी इंडिया ने अपने शीर्ष अधिकारियों के बीच मतभेदों को सुलझाने और हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के लिए स्वतंत्र संचालन परिषद गठित करने के लिए 18 सितंबर को यहां कार्यकारी बोर्ड की आपात बैठक बुलाई है। हाल ही में संपन्न हुए एफआईएच विश्व कप से पहले भारतीय टीम की जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया करने को लेकर हुए विवाद के बाद से हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और सचिव भोला नाथ सिंह के बीच मतभेद चल रहा है। टिर्की ने कहा कि जर्सी में बदलाव उनकी जानकारी और कार्यकारी बोर्ड की सहमति के बिना किया गया था।
इसके बाद उन्होंने हॉकी इंडिया के महानिदेशक, कमांडर आर के श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस भेजा और तत्काल प्रभाव से उनके सभी अधिकार छीन लिए। उन पर आठ आरोप लगाए गए, जिनमें जर्सी बदलना प्रमुख था। इस घटनाक्रम के चलते सचिव भोला नाथ सिंह ने कार्यकारी बोर्ड की आपातकालीन बैठक बुलाई है। श्रीवास्तव को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।
भोला नाथ ने कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों को एक ईमेल में लिखा, "हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 14 सितंबर को भेजे गए ईमेल के माध्यम से प्राप्त सलाह-निर्देश के अनुसार हॉकी इंडिया की कार्यकारी बोर्ड की आपात बैठक 18 सितंबर को दोपहर तीन बजे हॉकी इंडिया कार्यालय, नयी दिल्ली में आयोजित की जाएगी।" इस बैठक की जानकारी हॉकी इंडिया के सचिव भोला नाथ ने दी है लेकिन महासंघ के अध्यक्ष टिर्की ने मंगलवार को अपने जवाब में स्पष्ट रूप से कहा है कि आपात बैठक बुलाने का एकमात्र अधिकार संस्था के प्रमुख का है, न कि सचिव का।
टिर्की ने भोला नाथ और कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों को भेजे गए ईमेल में कहा, "आपके ईमेल के संदर्भ में कृपया गौर करें कि 20 जून 2026 को हॉकी इंडिया से अनुमोदित उप-नियम के खंड (16.4.2) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केवल अध्यक्ष ही आपात बैठक बुला सकता है, महासचिव नहीं।"
उन्होंने कहा, ’’इसके अलावा मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि मैंने पहले भी आपको स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि जब तक महानिदेशक अपना स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तब तक कार्यकारिणी की कोई बैठक नहीं बुलाई जाएगी।" टिर्की ने लिखा, ’’मैं आपसे एक बार फिर अनुरोध करता हूं कि आप हॉकी इंडिया के अध्यक्ष के आदेश का उल्लंघन न करें और अपने निजी निर्णयों और विचारों को अन्य सदस्यों तक पहुंचाकर भ्रम की स्थिति पैदा न करें। मैं कोई भी फैसला हॉकी की बेहतरी के लिए करता हूं कि किसी व्यक्ति विशेष के स्वार्थ के लिए।"
भोलानाथ ने जो बैठक बुलाई है उसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों की एचआईएल के भविष्य को लेकर चर्चा प्रमुख एजेंडा में शामिल है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को टिर्की और एचआईएल फ्रेंचाइजी के मालिकों के साथ बैठक की और उनसे लीग के लिए रोडमैप तैयार करने को कहा, जिसमें पांच सदस्यीय पैनल को संचालन और वित्तीय मॉडल पेश करने का काम सौंपा जाएगा।
विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि फ्रेंचाइजी मालिकों ने एचआईएल के लिए एक नई संचालन परिषद गठित करने की मांग की जिसमें उनकी भागीदारी भी हो क्योंकि वे महासंघ द्वारा लीग के संचालन के तरीके से खुश नहीं हैं। भोला नाथ ने ईमेल में लिखा, "एचआईएल के पुनर्गठन के संबंध में चर्चा चल रही है, जिसके तहत एचआईएल को टीम फ्रेंचाइजी के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम के रूप में चलाया जाएगा। एचआईएल प्राइवेट लिमिटेड का गठन एक अलग इकाई-कंपनी के रूप में किया जाएगा, जिसमें एचआईएल और फ्रेंचाइजी की इक्विटी क्रमश: 40 और 60 प्रतिशत होगी।"
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और दो सदस्यों तथा प्रत्येक फ्रेंचाइजी के दो प्रतिनिधियों के साथ हॉकी लीग की नई संचालन परिषद का गठन किया जाएगा। इस बैठक में हॉकी इंडिया के चुनावों की संभावित तिथियों पर भी चर्चा होगी।
(भाषा)
