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स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट, संसद मार्ग पर सिक्योरिटी बढ़ी; बैरिकेडिंग लगे-पैरामिलिट्री तैनात

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद संभावित प्रदर्शन को देखते हुए संसद मार्ग थाने और पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। कोर्ट ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।

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स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट,

Swatantra Bhardwaj Arrest : हिरासत में लिए गए हिंदूवादी ’इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थकों द्वारा प्रदर्शन का आह्वान किए जाने के बीच शनिवार को संसद मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई, अवरोधक लगा दिए गए और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया। अधिकारियों के अनुसार, भारद्वाज को अदालत में पेश किए जाने के दौरान पटियाला हाउस अदालत के बाहर भी इसी तरह सुरक्षा व्यवस्था की गई। अदालत ने भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। सुरक्षा के ये इंतजाम दिल्ली पुलिस द्वारा भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद किए गए हैं।

भारद्वाज को जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर हुए कथित हमले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है। कॉजपा के प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग किए जाने के कुछ ही घंटों बाद शुक्रवार को कई टीम तैनात कर उन्हें बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया।

अवरोधक लगाए गए

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि थाने के बाहर लोगों के जुटने की आशंका को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, एहतियात के तौर पर थाने के आसपास रणनीतिक स्थानों पर अवरोधक लगाए गए हैं और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने कथित हमले के मामले में दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी की धाराएं भी शुक्रवार को जोड़ी थीं। इसके अलावा, नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत एक नयी प्राथमिकी भी दर्ज की गई है, जिसमें ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधान शामिल किए गए हैं। यह कार्रवाई भारद्वाज के उस साक्षात्कार के बाद शुरू हुए आक्रोश के उपरांत हुई है, जिसमें उसने दावा किया था कि उन्होंने 23 जून के विरोध प्रदर्शन के दौरान नाबालिग कार्यकर्ता के पिता का सिर फोड़ दिया था।

हालांकि, बाद में एक पॉडकास्ट में भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने आत्मरक्षा में यह कदम उठाया था। दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कहा था कि संजय कुमार को लगी चोटें ’’सामान्य’’ प्रकृति की थीं। कॉजपा ने भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था और मामले में हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी तथा एससी/एसटी अधिनियम की धाराएं जोड़ने की मांग की थी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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