Egg Price Rise : नाश्ते की प्लेट हो या महीने का राशन, महंगाई का असर साफ दिख रहा है। पहले चीनी के दाम बढ़े। फिर प्याज महंगा हुआ। अब अंडे की कीमत भी बढ़ गई है। पिछले एक साल में देश में अंडों के दाम करीब 40% तक बढ़े हैं। कई शहरों में खुदरा बाजार में एक अंडा 9 से 10 रुपये तक बिक रहा है। इससे परिवारों का रोजाना खर्च बढ़ रहा है।
अंडे का आज कितना है भाव?
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के 5 सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में एक अंडे का भाव करीब 6 रुपये है। कोलकाता में यह करीब 6.20 रुपये है। यह कीमत थोक या सुझाए गए भाव के करीब है। लेकिन दुकानों पर ग्राहकों को ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। कई जगह एक अंडा 9 से 10 रुपये में बिक रहा है। 4 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार अंडे का थोक और NECC सुझाया गया भाव 4.90 रुपये प्रति अंडा था। 30 अंडों की एक ट्रे करीब 147 रुपये की थी। वहीं 210 अंडों वाली एक पेटी की कीमत 1,029 रुपये थी।अंडे क्यों हो रहे हैं महंगे?
अंडे महंगे होने की कई वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत है। मुर्गियों को खिलाने के लिए मक्का और दूसरे अनाज की जरूरत होती है। इनकी कीमत बढ़ने से अंडे की लागत भी बढ़ जाती है। मक्का की कीमत भी काफी बढ़ी है। कुछ बाजारों में मक्का करीब 22 रुपये किलो से बढ़कर 30 रुपये किलो तक पहुंच गया है। पोल्ट्री की कुल लागत में फीड की हिस्सेदारी करीब 65 से 70% होती है। इसलिए फीड महंगा होने का सीधा असर अंडों की कीमत पर पड़ता है। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक मक्का की कीमत करीब 26,500 रुपये प्रति टन है। तीन साल पहले यह करीब 14,000 रुपये प्रति टन थी। यानी इस दौरान मक्का की लागत काफी बढ़ गई है।
दिसंबर तक और महंगा हो सकता है अंडा
अंडे के दाम आने वाले महीनों में और बढ़ सकते हैं। Abhi Eggs के मुताबिक दिसंबर तक इनपुट कॉस्ट में 15 से 20% तक बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी ने कहा है कि वह फीड में सस्ते विकल्पों का इस्तेमाल नहीं कर रही है। दूसरी ओर, अंडों की मांग भी बढ़ रही है। उत्पादन कम रहने पर मांग और सप्लाई का अंतर बढ़ जाता है। इसका असर कीमत पर पड़ता है।
चीनी भी 60 रुपये के पार
अंडे से पहले चीनी ने भी घर का बजट बिगाड़ा है। प्रमुख बाजारों में 48 रुपये किलो बिकने वाली चीनी 60 रुपये किलो के पार पहुंच गई है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में चीनी करीब 60 रुपये किलो बताई गई है।
प्याज भी दे रहा महंगाई का झटका
प्याज की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। प्रमुख शहरों में प्याज 50 से 65 रुपये किलो के बीच बिक रहा है। देश का औसत खुदरा भाव करीब 50.50 रुपये किलो बताया गया है। अगस्त में प्याज का औसत भाव 35.47 रुपये किलो था। सितंबर की शुरुआत में यह बढ़कर 50.50 रुपये किलो हो गया। यानी करीब एक महीने में प्याज करीब 42% महंगा हुआ। पिछले साल इसी समय प्याज का औसत भाव 28.48 रुपये किलो था। कुछ बाजारों में इसकी कीमत 70 से 82 रुपये किलो तक पहुंच गई है।
आम आदमी की जेब पर सीधा असर
अंडा, चीनी और प्याज तीनों रोजमर्रा की जरूरत की चीजें हैं। इनकी कीमत बढ़ने से घर का खर्च बढ़ता है। नाश्ते से लेकर खाना बनाने तक इसका असर दिखाई देता है। अगर कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी जारी रहती है, तो परिवारों को अपने महीने के बजट में और कटौती करनी पड़ सकती है।
