Delhi News: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर शाहजाद भट्टी के इशारों पर काम कर रहे थे। इनका मकसद दिल्ली और आसपास के राज्यों में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना, पाकिस्तान समर्थित तत्वों का प्रचार करना और युवाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करना था।
स्पेशल सेल के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सोहेल, सोनू मीणा, सचिन कुमार मीणा, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिहान के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से पांच अवैध पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस, शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अबिद जट्ट के पोस्टर और पुलिसकर्मियों की रेकी तथा धमकी से जुड़े कई वीडियो बरामद किए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में कथित आतंकी संगठन "तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान" (TTH) के नाम की दीवारों पर पेंटिंग और ग्रैफिटी बनाकर उसके वीडियो पाकिस्तान भेजते थे। इसके बदले उन्हें पैसे भी दिए जाते थे। पुलिस के अनुसार हाल ही में पंजाब के अमृतसर जिले के मजीठा में एक एएसआई की हत्या की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी।

कार्रवाई के दौरान बरामद हुए हथियार
ग्रेनेड हमले जैसी वारदातों को अंजाम देने के निर्देश
गिरफ्तार आरोपी सोहेल पर आरोप है कि उसने दिल्ली और फरीदाबाद में TTH के नाम की ग्रैफिटी बनाई और उसके वीडियो अपने पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे। इसके बदले उसे 5 हजार रुपये मिले थे। वहीं सोनू मीणा और सचिन मीणा हथियारों की व्यवस्था करने और मॉड्यूल के अन्य सदस्यों को आर्थिक मदद पहुंचाने का काम कर रहे थे। इनके पास से कई पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिहान को पुलिसकर्मियों, पुलिस स्टेशनों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने, युवाओं की भर्ती करने तथा पुलिस पर फायरिंग और ग्रेनेड हमले जैसी वारदातों को अंजाम देने के निर्देश मिले थे। रिहान को पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए 3 लाख रुपये तक की पेशकश की गई थी।
जांच जुटी हैं जांच एजेंसियां
स्पेशल सेल ने बताया कि इस मॉड्यूल के तीन सदस्य पहले ही "ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0" के तहत गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें सोयब, अनमोल राय उर्फ अन्नू और रवि कश्यप शामिल हैं। ये लोग भी पुलिसकर्मियों को धमकी देने वाले वीडियो बनाकर अपने पाकिस्तानी हैंडलरों को भेजते थे और दिल्ली में पुलिस पर हमले की साजिश रच रहे थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कई राज्यों में फैले एक संगठित नेटवर्क के खिलाफ की गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मॉड्यूल के और कितने सदस्य देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं और उन्हें पाकिस्तान से किस तरह की मदद मिल रही थी।
