Delhi news: केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के संयोजन में छतरपुर हनुमान मंदिर परिसर विश्वगुरु भारत धर्मयज्ञ सह सनातन संस्कृति समागम का आयोजन किया गया। इस सामगन के अंतिम दिन आयोजित धर्म संसद में कई संत व महात्मा उपस्थित हुए। इसमें पदम विभूषण स्वामी रामभद्राचार्य एवं अयोध्या से मणि राम छावनी के कमलनयन दास भी शामिल रहे।
स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाए। उन्होंने कहा, भारत सरकार 2024 लोकसभा चुनाव से पहले संसद में प्रस्ताव लाकर श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करे।
हिंदुओं की चोटी, रोटी एवं धोती पर होता संकट
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, वर्तमान में श्रीराम चरितमानस नहीं होता तो हिंदुओं की चोटी, रोटी एवं धोती पर संकट होता। आगे कहा, प्रधानमंत्री मोदी अगर महात्मा गांधी को मानते हैं तो उन्हें श्रीरामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने में थोड़ी भी देरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा आज भारत का नेतृत्व यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है। आज भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ रही है। पूरी दुनिया भारत के अध्यात्म एवं संस्कृति से परिचित हो रही है। भारत विश्व गुरु था, विश्व गुरु है और विश्व गुरु रहेगा।
सनातन संस्कृति समागम
पीओके भारत का अभिन्न अंग
उन्होंने आगे कहा, श्रीरामचरितमानस मेंं सभी मंत्रों का सार है। उन्होंने कहा, भारत ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान की धरती है। पाक अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। भगवान की कृपा भारत पर है और भारत वासियों की इच्छा बहुत जल्द साधु-संतों और भगवान के आशीर्वाद से पूरी होने वाली है।वेदों में केवल वर्ण व्यवस्था की बात
रामभद्राचार्य ने कहा, नेताओं ने जाति व्यवस्था बनाई। वेद में तो केवल वर्ण व्यवस्था की बात कही गई है। क्या हम कभी निषाद राज एवं शबरी के प्रेम को भूल सकते हैं ? भगवान श्रीराम ने जो सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश किया, वह ब्रह्मांड में कहीं नहीं मिलता है। इससे पहले केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कार्यक्रम में भाग लिया। समागम का आयोजन श्रीराम कर्मभूमि न्यास बक्सर एवं नमो सद्भावना समिति हैदराबाद के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
