दिल्ली

दिल्ली में नहीं आया बाढ़ का खतरा, लेकिन यमुना का घटता जलस्तर बना चिंता का विषय

जुलाई का महीना खत्म होने को है, लेकिन इस साल यमुना का जलस्तर चेतावनी स्तर तक नहीं पहुंच सका है। इससे भले ही बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह यमुना के लिए अनुकूल संकेत नहीं है। कम जलस्तर के कारण नदी में प्रदूषण और जल आपूर्ति की समस्याएं बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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दिल्ली यमुना नदी (फोटो: Canva)

Delhi Yamuna River: अब जल्द ही दिल्ली में जुलाई का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन यमुना का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार नहीं कर सका है। ऐसे में इससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। हालांकि बताया यह जा रहा है कि यह स्थिति यमुना के लिए अनुकूल नहीं है। विशेषज्ञों का यह मानना है कि इससे नदी में प्रदूषण और जल आपूर्ति की समस्याएं बढ़ सकती हैं।

13 जुलाई 2023 को यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंचा था जिससे पहले बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई थी। पिछले साल भी मानसून के दौरान यमुना का जलस्तर चेतावनी स्तर तक नहीं पहुंच पाया था और इस साल भी ऐसा ही हो रहा है। 21 जुलाई को अधिकतम 54,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के मुताबिक इस बार मानसून में यमुना में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि अगर अगस्त और सितंबर में यही स्थिति बनी रही तो दिक्कत और बढ़ सकती है।

साउथ एशिया नेटवर्क आन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल्स के प्रमुख भीम सिंह रावत के मुताबिक, कम पानी आने से यमुना में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, आमतौर पर अगस्त और सितंबर में। लेकिन बात अगर जुलाई की करें तो इस दौरान कम से मध्यम स्तर की बाढ़ की स्थिति बनती थी। दिल्ली में पिछले कई दशकों में बाढ़ की घटनाएं दर्ज की गई हैं, इनमें साल 1924, 1977, 1988, 1995, 2010, और 2013 शामिल हैं।

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Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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